पुन्हाना / फिरोजपुर झिरका। नूंह हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले जिले के नियमित और अतिथि अध्यापक शिक्षा विभाग में रेशनेलाइजेशन के विरोध में उतरे और मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के नाम जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
अध्यापकों ने ज्ञापन में बताया कि सरकार शिक्षा सुधार पर ध्यान देने की बात कर रही है। दूसरी ओर शिक्षकों को सरप्लस दिखाकर हटाने की योजना बना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार रेशनेलाइजेशन नीति का गलत इस्तेमाल कर रही है। हरियाणा शिक्षा विभाग में करीब तीन साल पहले 25 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक की नियुक्ति का नियम बनाया था। लेकिन, अब सरकार ने 30 बच्चों पर एक अध्यापक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। इससे प्रदेश में कई हजार अध्यापक सरप्लस हो गए हैं, अब उन्हें दूसरे स्थानों पर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार को अध्यापकों की भर्ती करनी होती है तो नीति बदल देती है। यह सरकार का तुगलकी फरमान है, जिसे विधानसभा में पारित करने की बजाय आदेश जारी कर दिया जाता है। सरकार से मांग है कि बच्चों और अध्यापकों का अनुपात 1:20 का होना चाहिए।
अतिथि अध्यापक संघ के जिला प्रधान और प्रदेश प्रवक्ता सतीश यादव तथा पुन्हाना ब्लॉक प्रधान जीशान अली ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं, जिसे अध्यापक वर्ग किसी भी कीमत पर मानने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब सरकार को अध्यापकों की भर्ती करनी होती है तो बच्चे और अध्यापकों को अनुपात 1:25 कर दिया जाता है। जब अध्यापकों को सरप्लस दिखाना होता है तो अनुपात बढ़ा दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी देकर कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो प्रदेश के अध्यापकों को मजबूर होकर आंदोलन को तेज करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 5 अक्तूूबर को विश्व शिक्षक दिवस को प्रतिरोध दिवस के रूप में मनाया गया है। इस मौके पर पारस शर्मा प्रदेश महासचिव अतिथि अध्यापक, श्यामसुंदर, तौफिक अहमद, गोपाल, शमशुद्दीन, महावीर सहित काफी अध्यापक मौजूद रहे।
उधर, फिरोजपुर झिरका में भी अध्यापकों ने खंड शिक्षा अधिकारी इंदरजीत सिंह मजोका के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर खंड प्रधान पवन पुनिया, सचिव राजेश गोरा, नाजिम आजाद , डॉ. बाबु लाल वर्मा, सुरेश कुमार, बनवारी लाल, बलजीत, नरेश जैन, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, सुभाष आदि मौजूद रहे।