जेवर (मनोज कुमार शर्मा)। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए दूसरे चरण में अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन और परिवारों को लेकर सामाजिक समाघात सर्वे (एसआईए) की रिपोर्ट तैयार हो गई है। शासन की ओर से इस कार्य के लिए नामित एजेंसी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) ने इस क्षेत्र में प्रभावित होने वाले 6830 परिवारों में से 5063 को विस्थापित करने की बात कही है। जनसुनवाई में जुटी जीबीयू की छह सदस्यीय टीम ने बुधवार को अंतिम रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेज दी है।
टीम के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुढरह, बीरमपुर गांव की 1310 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। टीम ने 1 से 10 नवंबर तक इन गांव में सर्वे के दौरान तैयार ड्राफ्ट पर जनसुनवाई करते हुए किसानों के मुद्दों को अंतिम रिपोर्ट में शामिल कर प्रशासन को सौंप दी है। अब इसे सार्वजनिक प्रकाशन के लिए प्रत्येक गांव, तहसील, जिला मुख्यालय के सूचना बोर्डों पर चस्पा किया जाएगा। अब इस रिपोर्ट पर मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञों के सात सदस्यों का समूह विचारों को शामिल करते हुए शासन को भेजेगा। इसके बाद शासन अध्ययन कर जमीन अधिग्रहण का फैसला लेगा।
किसानों के जोड़े गए मुद्दे
1. रिपोर्ट में 18 वर्ष से ऊपर की उम्र वाली लड़कियों को भी प्लॉट आवंटित करने की सिफारिश की गई है। पहले केवल 18 वर्ष से ऊपर के लड़कों को प्लॉट आवंटित किए जाते थे।
2. रेवेन्यू रिकॉर्ड अपडेट करने की सिफारिश को भी रिपोर्ट में जगह दी गई है, ताकि लाल डोरे की बाहर की आबादी को रेवेन्यू रिपोर्ट में अपडेट किया जा सके।
3. नौकरी के बदले न्यूनतम मुआवजा 5 लाख देने की फैसले के लिए कमेटी गठित करते हुए इस मुआवजे को तय किया जाए।
4. सिंगल विंडो सिस्टम से किसानों की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया जाए, ताकि किसानों को फाइल लगाने के लिए अलग-अलग ऑफिस के चक्कर न काटने पड़ें।
5. किसानों को मिलने वाली जमीन, परिसंपत्ति, नौकरी व अन्य मदों की सभी मुआवजे को एक साथ किसानों के खाते में भेजे जाने की भी सिफारिश की गई है।
6. करौली बांगर को विस्थापन से बाहर रखने की भी सिफारिश की गई है। किसानों की ओर से लगातार विरोध को ध्यान में रखते हुए टीम ने इस गांव को विस्थापन से बाहर रखने पर भी विचार करने को लिखा है। हालांकि, अंतिम निर्णय शासन को लेना है। वहीं, रन्हेरा और कुरैब गांव का विस्थापन होना तय है।
जेवर के एयरपोर्ट से बदलेगी यूपी की तस्वीर : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों का अधिकारियों से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जेवर में बनने जा रहे एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाना है। इसके लिए सभी अधिकारी पूरे तन-मन से जुट जाएं। एयरपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। इससे देश और प्रदेश का विकास होगा।
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाएं। इसकी सफलता से उत्तर प्रदेश की छवि निखरेगी। अब तक जितनी तैयारियां हो चुकी हैं और जितनी भी बाकी हैं, उन सभी की समीक्षा कर ली जाए और जो भी तैयारियां बची हुई हैं। उसे जल्द से जल्द पूरा करें। ऑनलाइन बैठक में मंडलायुक्त सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के सीईओ, जिलाधिकारी, सांसद डॉ. महेश शर्मा, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, भाजपा के संगठन मंत्री समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।