मॉडल संस्कृति स्कूलों में बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा
फिरोजपुर झिरका। खंड में बनाए जा रहे राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में गांवों के बच्चों को कम फीस में आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी। अंग्रेजी माध्यम के संस्कृति स्कूल, बच्चों को शहरी तर्ज पर शिक्षा प्रदान करेंगे। इन स्कूलों से गांव के गरीब होनहार बच्चों को काफी उम्मीदें हैं।
गांव स्तर पर चल रहे सरकारी स्कूलों में अध्यापकों का पिछले दो दशक से अभाव है। अब सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से पूरे जिले में 76 व झिरका में 13 मॉडल संस्कृति स्कूल शुरू करने की मंजूरी प्रदान की गई है। झिरका के स्कूलों में नए दाखिले के अलावा करीब 3000 छात्र-छात्राओं को शिक्षित किया जाएगा। नए मॉडल संस्कृति स्कूलों को बेहतर साज सज्जा के साथ तैयार किया जा रहा है। इससे गांवों में बसे होनहार छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित इन स्कूलों से क्षेत्र के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे। अभिभावक फजरू, शहादत खां आदि का कहना है कि सरकार के इस कदम से क्षेत्र में शिक्षा के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पहली कक्षा से अंग्रेजी में पढ़ाई : मॉडल संस्कृति स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी में पढ़ाई होगी। हर स्कूल में विज्ञान लैब के अलावा खेलों के लिए अतिरिक्त अध्यापक नियुक्त किए जाएंगे। इन स्कूलों में अध्यापकों की कमी नहीं आने दी जाएगी। अध्यापक विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होंगे। निजी स्कूलों की तर्ज पर हर तीन माह में शिक्षा के स्तर का आकलन किया जाएगा।
फीस का प्रावधान
प्रत्येक छात्र व छात्रा से पहली से तीसरी कक्षा तक 200 रुपये व चौथी से पांचवीं कक्षा तक 250 रुपये फीस ली जाएगी। 2 लाख रुपये वार्षिक से कम आय वालों परिवारों के बच्चों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है।
मॉडल संस्कृति स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है। जल्दी ही इन स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह मेवात के गरीब परिवारों के लिए बड़ी सौगात है।
इंद्रजीत सिंह मजोका, खंड शिक्षा अधिकारी, फिरोजपुर झिरका