ग्रेटर नोएडा। सिंगापुर के उद्यमी भी ग्रेटर नोएडा में निवेश के इच्छुक हैं। वह यहां के संसाधनों से काफी प्रभावित है। औद्योगिक निवेश के केंद्र के रूप में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) व ग्रेटर नोएडा की पहचान विश्व पटल पर तेजी से उभर रही है। देश ही नहीं, विदेशी निवेशकों के लिए भी ग्रेटर नोएडा को निवेश का प्रमुख केंद्र बन गया है। इसी वजह से चीन, जापान, अमेरिका, साउथ कोरिया, ताइवान आदि देशों के बाद अब सिंगापुर के निवेशक भी ग्रेनो की ओर रुख करना चाहते हैं।
बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने यहां के संसाधनों को देखा। उसकी जमकर सराहना की और औद्योगिक निवेश की इच्छा जताई। सिंगापुर सरकार के अंतरराष्ट्रीय निवेश सेल के अधिकारियों के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सुबह करीब 11 बजे दफ्तर पहुंचा। यहां सीईओ नरेंद्र भूषण, एसीईओ दीप चंद्र समेत आलाधिकारियों के साथ बैठक की। पहले वीडियो के जरिये और फिर मौके पर जाकर संसाधनों को देखा। सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को एयर, रेल, रोड व मेट्रो कनेक्टीविटी के बारे में बताया। ग्रेटर नोएडा के आसपास तीन एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिंडन व आईजीआई), ईस्टर्न पेरिफेरल, यमुना व मेरठ एक्सप्रेसवे के बारे में बताया। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर व ग्रेटर नोएडा फेज दो के बारे में भी जानकारी दी।
इसके बाद एसीईओ दीप चंद्र की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल बोड़ाकी गया। वहां प्रस्तावित बोड़ाकी जंक्शन, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब के प्लान को समझा। फिर आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड टाउननशिप का मुआयना किया। इस दौरान प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके अरोड़ा, आईआईटीजीएनएल के सचिव पतंजलि दीक्षित यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराया। इस प्रतिनिधिमंडल के दौरे के लिए सिंगापुर सरकार ने वाणिज्य मंत्रालय के निवेश विंग इनवेस्ट इंडिया से संपर्क साधा था। इनवेस्ट इंडिया ने यूपी सरकार से संपर्क किया और फिर ग्रेटर नोएडा पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने निवेश के प्रस्ताव के साथ दोबारा जल्द संपर्क साधने की बात कही।