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यूनिटेक : अदालत ने संजय चंद्रा की पत्नी को ईडी की हिरासत में भेजा

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नई दिल्ली। अदालत ने यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा और पिता रमेश चंद्रा समेत तीन आरोपियों को धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने इन आरोपियों को धन शोधन मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया था। रमेश चंद्रा यूनिटेक के संस्थापक हैं।
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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने प्रीति चंद्रा को नौ अक्तूबर, रमेश चंद्र को आठ अक्तूबर और राजेश मलिक को 11 अक्तूबर तक पूछताछ के लिए ईडी की हिरासत में भेजा। ईडी ने इन आरोपियों का सात दिन का रिमांड मांगा था।
प्रीति चंद्रा की ओर से अधिवक्ता पीके दुबे ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को जब भी बुलाया गया वो ईडी के सामने पेश हुईं। अब इस मामले में रिमांड देने की जरूरत नहीं है। प्रीति चंद्रा ने जांच एजेंसी का पूरी तरह सहयोग किया है और आज तक उनके किसी भी स्थान से कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इस मामले में कोई बरामदगी भी नहीं होनी है।
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राजेश मलिक कानोस्टी मैनेजमेंट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का एक्जीक्यूटिव है। ये कंपनी कथित तौर पर उस मामले में जुड़ी है जिसमें संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 2017 में गिरफ्तार किया था। उन्हें घर खरीदारों से धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
ईडी ने मंगलवार को आरोपियों का रिमांड मांगते हुए कहा कि जांच में पता चला है कि यूनिटेक के प्रमोटरों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपराध से करीब 7638.43 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी। इसके बाद इस कालेधन को यूनिटेक ग्रुप की बेनामी संपत्तियों के साथ ही अन्य कंपनियों में लगाया गया था।
एजेंसी ने ये भी कहा कि खरीदारों, लोन और निवेशकों से मिले फंड में से 2345 करोड़ रुपये को केमैन आईलैंड, साइप्रस, आइल ऑफ मैन, यूके, यूएसए, जर्सी और सिंगापुर ट्रांसफर किया गया। प्रीति चंद्रा ने देश से भागने की कोशिश की लेकिन उसे दस मार्च 21 को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया क्योंकि उसके खिलाफ ईडी ने लुक आउट सर्कुलर जारी कर रखा था।
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