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जेवर : गर्व है, हमारी जमीन पर बच्चों के सपने उड़ान भरेंगे

Fri, 26 Nov 2021 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा मनोज कुमार शर्मा, जेवर

सार

मंच के सामने बैठे विशेष तौर पर बुलाए गए जेवर में जमीन देने वाले किसान बोले।
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जमीन देने वाले किसान... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में विशेष आमंत्रण पर पहुंचे किसानों ने कहा कि इसी दिन के इंतजार में चार गुने मुआवजे व अन्य मांगों की जिद को छोड़ा था। जेवर के छह गांवों के किसानों ने क्षेत्र के विकास व बच्चों के सपनों को उड़ान देने के लिए एयरपोर्ट के लिए जमीन देने का फैसला किया था।

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दरअसल, एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन देने वालों को विशेष सम्मान देते हुए सरकार ने शिलान्यास कार्यक्रम में बुलाने के लिए 1000 किसानों को विशेष आमंत्रण पास जारी किए थे। सुबह से ही किसान मंच के सामने बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे थे। इनमें रोही, दयानतपुर, किशोरपुर, बनवारीवास, रन्हेरा व पारौही के किसान शामिल थे।

कुछ किसान तो विस्थापन के बाद दूर जाकर बसने के बाद विशेष तौर पर पहुंचे थे। किसानों ने बताया कि केंद्र में मोदी व प्रदेश में योगी के रहते हुए किसानों से गलत नहीं हो सकता, लेकिन भूमि अधिग्रहण के समय तैनात कुछ अधिकारियों ने सरकार में अपने नंबर बनाने के लिए किसानों का नुकसान करा दिया।
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अधिकारियों ने शासन को गलत रिपोर्ट देते हुए जमीन अधिग्रहण से पहले ही ग्राम पंचायत खत्म कराते हुए गांव को शहरी क्षेत्र घोषित करा दिया था। इससे किसानों को मिलने वाला जमीन का मुआवजा चार की जगह दोगुना ही मिल पाया। 

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देश-विदेश के विमानों की मरम्मत से बढ़ेगा विदेशी मुद्रा भंडार

जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के साथ ही मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) सेंटर की भी शुरुआत की जाएगी। इसके बाद देश ही नहीं, बल्कि विदेश के विमानों की मेंटेनेंस का काम यहां शुरू होगा। इससे विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ेगा।

शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में एविएशन सेक्टर में तेजी से वृद्धि हो रही है। देश-विदेश की बात की जाए तो सैकड़ों कंपनियां नए विमान खरीद रही हैं। देश के 85 फीसदी विमानों के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहालिंग पर ही प्रति वर्ष करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में हर साल एक मोटी रकम देश से बाहर चली जाती थी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में ही करीब 40 एकड़ जमीन पर एमआरओ सेंटर की स्थापना की जाएगी। यहां देश के साथ ही विदेशी विमानों की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इससे देश के खजाने में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा। 

इस संबंध में पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में छोटी-मोटी मरम्मत के लिए भारत में सिर्फ एक ही सेंटर है। बड़े कार्य के लिए देश की विमान कंपनियां विदेशी सेंटरों के भरोसे हैं। विमान की मरम्मत करने वाली कंपनियां पूरा भुगतान डालर में लेती हैं। ऐसे में हर साल विदेशी मुद्रा बाहर चली जाती है। अब नोएडा में ही विमानों की मरम्मत का काम शुरू होगा तो यह देश के लिए गर्व की बात होगी। मुख्यमंत्री की मेहनत के बाद प्रधानमंत्री के हाथों शिलान्यास करने से नोएडा और जेवर का नाम अमर हो गया है। कार्गो, मरम्मत और उड़ान वाला यह एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। 

आसपास के जिलों में भी बढ़े जमीन के भाव
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट बनने की योजना पास होते ही जेवर के साथ-साथ बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ और यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे शहरों की जमीन के भाव भी विगत दो साल में तेजी से बढ़े हैं। इस एयरपोर्ट से विकास के नए द्वार खुलेंगे।
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