शहर के तीन बड़े प्रोजेक्ट एमपी वन पर एलिवेटेड रोड, सेक्टर-71 पर अंडरपास और सेक्टर-144 में बस अड्डे के निर्माण पर रोक लग गई है। प्रस्तावित तीनों प्रोजेक्ट कागजी प्रक्रिया में थे।
पैसों की कमी इन परियोजनाओं की राह में आड़े आ रही है। प्राधिकरण के डीसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने इन परियोजनाओं रोके जाने की पुष्टि की है।
सेक्टर-71 पर अंडरपास
सेक्टर-52 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिशा में अंडरपास प्रस्तावित है। करीब 800 मीटर लंबे इस अंडरपास को बनाने में करीब 52 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है। इसके डेढ़ साल में बनकर तैयार होने का अनुमान था, लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है।
अब अगले वित्तीय वर्ष में इस प्रोजेक्ट पर विचार होगा जबकि इस चौराहे पर दिन भर वाहनों की कतार रहती है। इसे पार करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं। पीक आवर में और भी वक्त लग रहा है। इससे पहले इसी चौराहे पर प्रस्तावित हाफ फ्लाईओवर को भी रोक दिया गया था।
सेक्टर-144 का अंतर्राज्यीय बस अड्डा
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सेक्टर-144 का अंतर्राज्यीय बस अड्डा
करीब सवा दो लाख वर्ग मीटर एरिया में प्रस्तावित है। इसके जरिये नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र को अन्य राज्यों से जोड़ने की योजना है। आनंद विहार और आईएसबीटी की भीड़ को कम करने के लिए भी इसकी जरूरत थी।
कुछ वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे पर आबादी तेजी से बढ़ेगी। उस समय यह बस अड्डा और भी कारगर साबित हो सकता है, लेकिन प्राधिकरण ने इसे भी भविष्य के लिए टाल दिया है।
एमपी वन पर एलिवेटेड रोड
मास्टर प्लान रोड नंबर वन पर टी-सीरीज चौराहे से सेक्टर-55 तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड है। पहले यह टी-सीरीज चौराहे से सेक्टर-12-22 तिराहे तक ही बनना था। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को बनाने के लिए 65 करोड़ रुपये खर्च होने थे।
इसका टेंडर भी हुआ, लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर सेक्टर-55 तिराहे तक करने का फैसला हुआ। इसका एस्टीमेट रिवाइज कर टेंडर की प्रक्रिया चल रही थी। अब इसे रोक दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में इसे बनाने पर फैसला होगा। इस रोड से पहले डीएससी रोड पर सेक्टर-49 से फेज दो नाले तक का एलिवेटेड रोड बनेगा।
मेट्रो के लिए रोके प्रोजेक्ट
दिल्ली मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो के लिए रोके प्रोजेक्ट
हाल ही में नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण ने कार्यालय आदेश जारी किया कि ऐसे प्रोजेक्ट जो अगले साल तक रोके जा सकते हैं उन्हें रोक लिया जाए। मेट्रो को भारी-भरकम रकम दी जानी है इसलिए नए प्रोजेक्ट से मितव्ययिता बरतें।
इस आदेश का इतना असर हुआ कि इंजीनियर अब रखरखाव के कामों से भी बच रहे हैं। मौजूदा समय में मेट्रो की तीन परियोजनाएं चल रही हैं। सिटी सेंटर से सेक्टर-62, बॉटेनिक गार्डन से कालिंदी कुंज और नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक की मेट्रो पर काम चल रहा है। इन तीनों परियोजनाओं पर करीब 8500 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।