नोएडा में कारोबारी की कोठी में रहने वाले पुजारी व माली ने चोरी कर तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद डकैती की सूचना कारोबारी को दी। दोनों ने बगल के प्लॉट में 12.33 लाख रुपये गड्ढे में छिपा दिए थे। कोठी में 5 वर्ष से पुजारी और एक साल से माली रह रहा था।
नोएडा में कपड़ा कारोबारी के घर में साथ रहने वाले पुजारी और माली ने कोठी में तोड़फोड़ कर 12.33 लाख रुपये नकदी चोरी कर ली। दोनों आरोपियों ने कारोबारी को डकैती की सूचना दी। पुलिस ने जांच में मामले का खुलासा हो गया। कारोबारी के विश्वासपात्र पुजारी मनीष अवस्थी और माली सुग्रीव ने चोरी कर बगल वाले प्लॉट में नकद राशि जमीन में दबा दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कैश बरामद कर लिया है।
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नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि सेक्टर-30 के सी ब्लॉक में कपड़ा कारोबारी लक्ष्मीनारायण खेतान की कोठी है। पुजारी मनीष अवस्थी पांच साल से और माली सुग्रीव एक साल से कोठी में ही रहते थे। लक्ष्मीनारायण सात फरवरी को परिवार समेत मथुरा गए थे। इधर मनीष और सुग्रीव ने 14 फरवरी की रात घर के कई दरवाजे तोड़ डाले और बेडरूम में रखी तिजोरी तोड़कर 12.33 लाख रुपये निकाल लिए। दोनों ने घर में लगे सीसीटीवी और डीवीआर भी तोड़ डाले। दोनों ने लक्ष्मीनारयण को फोन कर घर में आठ बदमाश घुस आने और डकैती डालने की सूचना दी थी। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने जांच शुरू की। शक होने पर पुजारी और माली को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने साजिश रचकर वारदात करने की बात कबूल कर ली।
कारोबारी का विश्वासपात्र था पुजारी
धार्मिक अनुष्ठान कराने के चलते कारोबारी को पुजारी पर अटूट विश्वास था। वह घर के सभी तरह की जानकारी उससे साझा करते थे। घर के अन्य सदस्य भी उसपर भरोसा करते थे। जब भी कारोबारी कहीं बाहर जाते थे तब कोठी की पूरी जिम्मेदारी उसी पर होती थी। इस बार भी ऐसा ही हुआ था। लेकिन पुजारी ने विश्वासघात कर चोरी कर ली।
एक क्विंटल की तिजोरी लिफ्ट से ले गए छत पर
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि कारोबारी के बेडरूम में जिस तिजोरी में कैश रखा था। उसका वजन करीब एक क्विंटल का था। घर में लगी लिफ्ट के सहारे दोनों आरोपी तिजोरी को छत पर ले गए। वहां हथौड़े व अन्य औजार से तिजोरी तोड़कर 12.33 लाख रुपये निकालकर बगल वाले प्लॉट में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि करीब एक घंटे की मेहनत के बाद तिजोरी को दोनों तोड़ पाए थे।
बैकअप डीवीआर गायब होने से घूमी शक की सुई
कोठी में करीब 20 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। इसकी डीवीआर घर में सामने लगी थी और एक बैकअप डीवीआर भी था। जिसकी जानकारी केवल घरवालों और पुजारी को ही थी। जब डकैती की सूचना पर पुलिस ने जांच की तो सभी सीसीटीवी टूटे हुए थे और बैकअप डीवीआर भी गायब था। इससे शक की सूई पुजारी की तरफ गई। जब पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया।
वर्ष 2021 में भी हुई थी कारोबारी के घर चोरी
वर्ष 2021 में 01 मार्च से 29 मार्च के बीच कारोबारी के घर पर चोरी की घटना हुई थी। इसमें तीन आरोपियों को पकड़ा गया था। इन आरोपियों में एक सुमित था जो कारोबारी के घर पर नौकर के रूप में उस वक्त काम करता था। पुजारी ने वारदात की साजिश रचते वक्त इसका इल्जाम पुराने नौकर सुमित लगाने की योजना बनाई थी। हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।