नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का शिलान्यास कुछ ही दिनों में होने वाला है। सरकार की तरफ से इसकी तैयारी जोरों से चल रही है। माना जा रहा है कि दो-चार दिनों में शिलान्यास की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
वहीं, जेवर एयरपोर्ट निर्माण क्षेत्र पर शिलापट लगाने के लिए जगह तय हो गई है। अधिकारियों की कोशिश रही है कि शिलापट को ऐसी जगह लगाया जाए, जिसे दोबारा शिफ्ट न करना पड़े। एयरपोर्ट की आधारशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे।
बता दें कि एयरपोर्ट की भूमि पर एक सप्ताह पहले निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। सबसे पहले निर्माण और विकासकर्ता कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की भारतीय कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) ने भूमि समतल करने का काम शुरू कराया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजक्ट माने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) बोर्ड में ले जाने से पहले इसे मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (मोका), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने पास भेजा गया था।
इन एजेंसियों ने मास्टर प्लान में कुछ सुझाव दिए थे। इन सुझावों को सम्मिलित करते हुए फिर इन एजेंसियों को मास्टर प्लान भेजा गया था। इन एजेंसियों की हरी झंडी मिलने के बाद 13 अगस्त को मास्टर प्लान को नियाल के बोर्ड में रखा गया। बोर्ड ने मास्टर प्लान पर मंजूरी देते हुए कहा था कि इसे यमुना प्राधिकरण अपने बोर्ड में पास कराए।
यमुना प्राधिकरण ने अपने बोर्ड (परिचालन बैठक) में इस मास्टर प्लान को प्रस्तुत किया। बोर्ड ने इसे मंजूर कर दिया है। बोर्ड ने देखा कि उनके अधिसूचित क्षेत्र में जहां पर नागरिक उड्डयन के लिए जगह थी, वहां पर यह साइट है। इसके अलावा बिल्डिंग बाइलाज के मुताबिक, यह मास्टर प्लान है। ग्राउंड कवरेज और एफएआर भी नियमों के मुताबिक है।