चंडीगढ़। हरियाणा में मॉब लिंचिंग का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। न ही प्रदेश में एक जनवरी 2015 से 31 जुलाई 2021 तक कोई केस दर्ज हुआ है। सरकार ने यह जानकारी अतारांकित सवाल के जवाब में शुक्रवार को सदन पटल पर प्रस्तुत की। इसके आधार पर ही कांग्रेस विधायक आफताब अहमद की ओर से विधानसभा के मानसून सत्र में मॉब लिंचिंग पर लाया गया प्राइवेट मेंबर बिल अस्वीकार कर दिया गया।
सरकार ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए गए हैं। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि आफताब अहमद के निजी विधेयक को स्वीकार नहीं किया है। सरकार को इसे भेजा गया था। सरकार ने एलआर से कानूनी मत लिया है। उसके बाद निर्णय लिया गया। एक्ट में इसका प्रावधान है कि कानूनी राय के आधार पर विधेयक को स्वीकृत और अस्वीकृत किया जा सकता है।
आफताब ने कहा कि यह उचित नहीं है। मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो प्राइवेट मेंबर बिल सदन में लाना पड़ा। गृह मंत्री अनिल विज की तरफ से सदन में प्रस्तुत जवाब में कहा गया है कि मॉब लिंचिंग रोकने के लिए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाया है। साथ ही कमजोर व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान की है। अगर कोई घटना होती है तो दोषियों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान सरकार ने किया है। सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जरूरी आपराधिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का प्रावधान है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व डयूटी मजिस्ट्रेट लोगों के विभिनन समूहों में सदभावना सुनिश्चित कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियां प्रभावी समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं।