ऑपरेशन प्रहारर-2 के दौरान कार्रवाई करती पुलिस
- फोटो : लाल सिंह
बदमाशों पर नकेल कसने के लिए नोएडा पुलिस ने दिल्ली व गाजियाबाद पुलिस के साथ मिलकर रविवार शाम को ऑपरेशन प्रहार सर्च अभियान चलाया। तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान खोड़ा में 50 से अधिक घरों में दबिश देकर 30 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। सभी बदमाशों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के आदेश पर खोड़ा व आसपास के इलाकों में ऑपरेशन प्रहार-2 चलाया गया। पुलिस ने बदमाशों व संदिग्धों की सूची तैयार की थी। इसके बाद खोड़ा में कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए आरोपियों से 38 सवाल पूछे जाएंगे। इसके बाद उन सभी का रिकॉर्ड बनेगा।
पिछले साल भी सितंबर में पुलिस ने इस तरह का अभियान चलाया था। उसमें भी पुलिस को काफी सफलता मिली थी। बदमाशों में पुलिस का खौफ होना जरूरी है। समय-समय पर पुलिस की ऐसी कार्रवाई से बदमाशों पर नकेल कसती है।
अपराध करने के बाद खोड़ा में लेते हैं शरण
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि खोड़ा एक ऐसा क्षेत्र है जहां की सीमाएं नोएडा, दिल्ली व गाजियाबाद से लगती हैं। नोएडा व एनसीआर के अन्य शहरों में लूट या अन्य तरह की घटनाएं कर बदमाश आसानी से खोड़ा में शरण ले लेते हैं। खोड़ा में बगैर किसी सत्यापन के आसानी से कमरा भी मिल जाता है। संकरी गलियां व अधिक घनत्व होने के कारण पुलिस को भी बदमाशों को पकड़ने में यहां से दिक्कत होती है। यहां के रास्ते भी इतने छोटे हैं कि जब तक पुलिस समझ पाती है बदमाश इधर से उधर हो जाते हैं।
हर संदिग्धों पर पुलिस की नजर
पुलिस ने स्ट्रीट क्राइम से लेकर अन्य अपराध करने वाले बदमाशों की सूची बनाई है। इसके अलावा नोएडा से सटे चिल्ला, कोंडली, दल्लूपुरा, विजयनगर आदि जगहों के सक्रिय बदमाशों की सूची भी मंगाई गई है। इनमें से अधिकतर बदमाश नोएडा की सीमा में प्रवेश कर वारदात को अंजाम देते हैं।
पुलिस पहुंची तो मची अफरातफरी
खोड़ा में पुलिस बल देखकर लोग इधर उधर भागने लगे। कई रास्तों को पुलिस ने बंद कर दिया था। कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात थे। हालांकि, पुलिस ने जब चिह्नित स्थानों व घरों में कार्रवाई की और पूछताछ शुरू की तो स्थिति सामान्य हुई।