अधिकारियों के मुताबिक, पांच मंजिला क्रिटिकल केयर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत जिम्स में 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनेगा। इसके निर्माण का लक्ष्य एक साल रखा गया है।
सेंटर में सभी तरह के गंभीर मरीज जैसे सड़क हादसा, हार्टअटैक, ऑक्सीजन की कमी, किड़नी, फेफड़े, वेंटिलेटर के साथ ही नवजात के उपचार के लिए सुविधाएं मिलेंगी। यहां आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, वेंटिलेटर के साथ हर बेड पर ऑक्सीजन भी मौजूद रहेगी।
जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देश पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक को बनाया जा रहा है। इसके बनने के बाद जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा। गंभीर मरीज को कहीं रेफर नहीं करना पड़ेगा।
कार्यक्रम में जीबीयू के कुलपति प्रो. रविन्द्र कुमार सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी जनार्दन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित कुमार, जिम्स के डीन डॉ. रंभा पाठक, डॉ. पीएस मित्तल, डॉ आईजेन भट्टाचार्य, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रजमोहन, डॉ. अनुराग भार्गव, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. रंजना वर्मा, डॉ. भारती भंडारी, डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. संदीप पाण्डेय, डॉ. भुवन अधलखा आदि उपस्थित रहे।