पलवल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सतत विकास लक्ष्य के तहत पूर्व प्राथमिक शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। लक्ष्य के तहत जिला के 122 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला गया है। इन स्कूलों में तीन से छह साल के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। पौष्टिक आहार दिया जाएगा और आदत अनुसार खेलों का ट्रायल करवाया जाएगा। एक अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्व प्राथमिक शिक्षा का शुभारंभ किया जा रहा है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेडीनेस मेले का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर दीप्ति ने बताया कि सतत विकास लक्ष्य के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। इन स्कूलों का मूल उद्देश्य पूर्व प्राथमिक शिक्षा के प्रति अभिभावकों और समुदाय को जागरूक करना है। केंद्रों पर समाज के सभी वर्गों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए रेडीनेस मेले लगाए हैं। मेलों में अभिभावकों के साथ बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के सरल तरीके बताए और बच्चों के रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया। इस मौके पर अभिभावक पुष्पा और दुलीचंद ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र पर प्ले स्कूल खोलना सरकार का अच्छा कदम है। आंगनबाड़ी केंद्र पर खोले गए प्ले स्कूल में अपने दो बच्चों का दाखिला कराया है। प्ले स्कूल में बच्चों को खेल के साथ साथ पढ़ाई कराई जा रही है।