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सरकार के खिलाफ पटवारी व कानूनगो धरने पर बैठे

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नूंह। बृहस्पतिवार को जिले के पटवारी व कानूनगो ने जिला सचिवालय के सामने बैठकर साकार के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर अपनी आवाज को बुलंद किया। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों के प्रधानों ने पहुंचकर उनको अपना समर्थन दिया। जिसमें सीटू, बिजली निगम के अलावा पब्लिक हेल्थ से संबंधित विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।
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जिला पटवारी एसोसिएशन के जिला प्रधान मोहम्मद साबिर ने बताया कि प्रदेश में हाल में पटवारियों के खिलाफ जो 7ए के उल्लंघन के मामले व चार्जशीट के मामले सरकार ने शुरू किए है ये सही मायनों में तहसीलों से जुड़े ही नहीं है। जिला नगर योजनाकारों ने जानबूझ कर अवैध कॉलोनी बनने दी। सरकार ने 7ए में बदलाव कर साल 2017 में 7 ए में बदलाव कर यह कानूनी लूपहोल डाला कि गैर मुमकिन भूमि के रजिस्ट्री हो सके और आज सारा मामला राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों पर डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि क्या पटवारी बने हुए मकान/दुकान या अन्य कोई भवन को गिरदावरी में गेंहू, बाजरा, धान दिखा सकता है। हमारी गिरदावरी को डीसी व एसडीएम चेक करते है और कोई छोटी सी गलती मिल जाती है तो शो कॉज नोटिस व अनुशासनिक कार्यवाही हमारे खिलाफ की जाती है। तो क्या जमीन के नेचर बदलने में डीसी व एसडीएम भी मिले हुए है? अगर ऐसा है तो सरकार वहां कार्यवाही क्यों नहीं करती?
सच बात ये है कि पटवारियों कोई गलती नहीं है पर वो अंधेर नगरी चौपट राजा वाली बात है कि फांसी उसे लगेगी जिसके गले में फांसी का फंदा फिट आएगा। क्या किसी डीटीपी के खिलाफ आज तक कोई एफआईआर हुई जबकि राजस्व विभाग के पांच अधिकारियों के खिलाफ ऐसा हुआ है। जो विभाग सरकार के हर कार्य में मुस्तैद सैनिक की भांति जुटा रहा आज उसके हर अधिकारी/कर्मचारी को जनता की नजर में चोर बना दिया गया। सरकार उनके विभाग को जिस तरह जनता की नजरों में गिरा रहे है वो निंदनीय है।
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आज भी चलेगा धरना
दो दिनों तक चलने वाले इस धरना प्रदर्शन में पूरे जिले के पटवारी व कानूनगो ने भाग लिया। सभी लोग सुबह से शाम तक जिला सचिवालय परिसर में बने पार्क में धरने पर बैठे रहे। जिससे दिन में पूरी तरह से तहसीलों का कामकाज प्रभावित रहा। कई लोग जानकारी के अभाव में पटवारी कार्यालयों पर पहुंचे लेकिन कार्यालयों के सूने होने से वह निराश होकर लौटे।
ये रहे मुख्य रूप से मौजूद
इस दौरान हरि सिंह कानूनगो उजीना, खुर्शीद कार्यालय कानूनगो नूंह, मनोहर कानूनगो फिरोजपुर झिरका व सरजीत कानूनगो नगीना, रफीक कानूनगो पुन्हाना के अलावा जयभगवान, अंजुम, गौतम, जावेद, जुबैर, गंगा विष्णु, पंकज के अलावा सुरेंद्र पटवारी मौजूद रहे।
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