नोएडा (सुशील पांडेय)। एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर के पास 7 हजार वर्गमीटर जमीन पर सुपरटेक के अवैध कब्जे की जांच प्राधिकरण करेगा। शासन ने नोएडा प्राधिकरण को इसकी जांच सौंपी है। यहां बिल्डर की ओर से अतिक्रमण करने की बात बताई जा रही है। एमराल्ड कोर्ट मामले की जांच के दौरान कब्जे की जानकारी सामने आई है। जांच के बाद प्राधिकरण इसकी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। इस मामले में प्राधिकरण के उद्यान विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, एमराल्ड कोर्ट परिसर और एटीएस के परिसर के बीच में 7 हजार वर्गमीटर जमीन पर ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। जबकि प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों का यह कहना है कि यह ग्रीन बेल्ट प्राधिकरण ने विकसित नहीं की। नियम के मुताबिक इस ग्रीन बेल्ट के पास एमराल्ड कोर्ट की दीवार होनी चाहिए। लेकिन यहां दीवार नहीं बनाई गई है। दूसरी ओर एटीएस की सोसाइटी की ओर दीवार बनाई गई है। यानी पूरी जमीन का लाभ एमराल्ड कोर्ट के निवासी ले रहे हैं। यह बिल्डर की ओर से अघोषित कब्जा है। इस मामले में शासन ने संज्ञान लिया है। ड्रोन सर्वे के दौरान यहां दिख रही ग्रीन बेल्ट के बारे में जब जानकारी ली गई तो यह मामला खुल कर सामने आ गया।
उद्यान विभाग के चार अधिकारियों के नाम आए सामने
प्राधिकरण की ओर से जब इस मामले का संज्ञान लिया गया तो मिलीभगत में चार अधिकारियों के नाम सामने आएं है। इन अधिकारियों की नामों की सूची उच्च स्तर पर भी गई है। इसमें सहायक निदेशक, निदेशक, उप निदेशक स्तर के अधिकारियों के नामों की चर्चा है। जबकि कुछ अधिकारी प्राधिकरण की सेवा से रिटायर हो चुके हैं।
प्राधिकरण हटाएगा अतिक्रमण, आज से लगेगी फेंसिंग
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि यहां पैमाइश का काम किया जा रहा है। यहां के ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाना है। आज से फेंसिंग का काम होगा। यहां बिल्डर ने ग्रीन बेल्ट के एरिया पर कब्जा कर रखा है। प्राधिकरण ने इसे विकसित नहीं किया है। बाउंड्री बनाने और टेंडर में समय लगेगा। लिहाजा पहले चरण में ग्रीन बेल्ट की फेंसिंग की जाएगी।
सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के पास ग्रीन बेल्ट में अवैध अतिक्रमण की जांच होगी। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि 7 हजार वर्गमीटर जमीन को ऐसे ही छोड़ देने में किन-किन अधिकारियों का हाथ है। नक्शे में ग्रीन बेल्ट है। लेकिन बिल्डर ने दीवार नहीं खड़ी की है। ऐसे में इसका पूरा लाभ सोसाइटी के लोग ले रहे हैं। - रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
ट्विन टावर गिराने के लिए आज प्रस्ताव देगा सीबीआरआई
नोएडा। रुड़की की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीबीआरआई) आज नोएडा प्राधिकरण को सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के 40 मंजिला ट्विन टावर गिराने के लिए प्रस्ताव देगी। प्रस्ताव पर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ चर्चा भी होगी। इसका मकसद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्विन टावर को गिराना होगा। नोएडा प्राधिकरण ने सीबीआरआई को प्रस्ताव तैयार करने के लिए 10 दिन का समय दिया था। इससे पहले सुपरटेक के उस प्रार्थना पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसमें सुपरटेक ने कोर्ट से अपने पहले के फैसले में संशोधन के बाद केवल एक टावर गिराने का आदेश देने की अपील की थी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में नोएडा सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के 40 मंजिला ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। यह काम तीन माह में पूरा करने को कहा गया है। इस मामले में कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण को सीबीआरआई की सेवा लेने को कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर सीबीआरआई यह काम नहीं कर पाती तो इसे किसी अन्य विशेषज्ञ एजेंसी से कराई जाए।
प्राधिकरण ने सीबीआरआई को पत्र लिख नोएडा बुलाया था। 13 सितंबर को सीबीआरआई के निदेशक डॉ. एन गोपालकृष्णनन और उप निदेशक सुविर सिंह सुबह नोएडा पहुंचे और ट्विन टावर का मौके पर जाकर जायजा लिया। सीबीआरआई की टीम ने ट्विन टावर की दो मंजिल तक चढ़कर जांच की। टावर का फोटो लिया और विडियो बनाया। इसके बाद वहां की स्थानीय आरडब्ल्यूए से बातचीत की। उन्होंने सीईओ रितु माहेश्वरी के साथ बैठक की थी और 10 दिन में अध्ययन के बाद रिपोर्ट देने का वादा किया था। लेकिन इससे काफी ज्यादा दिन हो गए। लिहाजा प्राधिकरण की ओर से सीबीआरआई को आज नोएडा बुलाया गया है। संभावना है कि सीबीआरआई प्रस्ताव लेकर आएगी और नोएडा प्राधिकरण को इससे अवगत कराएगी।
प्रस्ताव में होगा यह सब
सीबीआरआई के प्रस्ताव में यह बताया जाएगा कि ट्विन टावर को कैसे गिराया जाएगा। ट्विन टावर को गिराने के लिए दूसरी अन्य एजेंसी की भी मदद ली जाएगी। मॉडल स्टडी के साथ सुझाव की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सुपरटेक के स्ट्रक्चर का अध्ययन करने के बाद सीबीआरआई तकनीकी पहलुओं के बारे में भी बताएगी। इसमें ट्विन टावर की नींव से लेकर इसकी ऊंचाई तक की हर पहलू पर गौर किया जाएगा। इसका एक मॉडल बनाया जाएगा। इसमें ट्विन टावर को गिराने की तकनीकी का जिक्र होगा।
सुरक्षा का खास ख्याल रखना होगा जरूरी
सीबीआरआई टीम को यह खास ख्याल रखना होगा कि ट्विन टावर गिराने के दौरान आसपास की इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। दरअसल, गिराई जाने वाली इमारतों के 9 मीटर की दूरी पर दूसरी अन्य बहुमंजिला इमारतें भी है। इसके अलावा आसपास भी कई इमारतें हैं।