नोएडा। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में अव्वल आने के लिए प्राधिकरण ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सफाई के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों के साथ ही फुटपाथ, नाले-नालियों आदि की प्रतिदिन सफाई और एकत्रित कूड़े का रोजाना निस्तारण किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लगातार संविदाकारों के कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। यही हाल रहा तो सभी को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
सीईओ ने निर्देशित किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 की टूल किट में दिए गए विभिन्न पैरामीटर के प्रावधानों को पूरा करने के लिए सभी विभाग कार्यों और कर्मियों को सूचीबद्ध करते हुए एक सप्ताह में कार्ययोजना दें। 31 दिसंबर से पहले ही इन सभी का क्रियान्वयन हो जाना चाहिए। लापरवाही की गई तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने घर-घर कूड़ा उठाने वाली संस्था मैसर्स एजी एनवायरन इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. को नोएडा के सभी मकानों की मैपिंग, घरों से कूड़ा एकत्र व सभी क्षेत्रों में पर्याप्त वाहन तैनात न करने के लिए चेतावनी दी। संस्था को 31 दिसंबर तक का समय देते हुए कहा कि गीला व सूखा कूड़ा अलग करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए संस्था अलग से स्टाफ वाहनों के साथ ही सुपरवाइजर तैनात करे।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि शहर के विभिन्न सेक्टरों से निकलने वाले सूखे और गीले कूडे़ की प्रोसेसिंग के लिए मैटेरियल फैसिलिटी रिकवरी केंद्र स्थापित किए जाएं। इसके लिए जल्द ही निविदा जारी होगी। साथ ही, सीवेज और मुख्य नालों की सफाई में तैनात स्वच्छता कर्मियों को स्वच्छ सर्वेक्षण में निर्धारित सफाई मित्र योजना के तहत सुरक्षा के लिए आवश्यक वर्दी, उपकरण और प्रशिक्षण दिया जाए।
कूड़ा गाड़ियों के साथ तैनात होंगे 100 सुपरवाइजर
सीईओ ने प्राधिकरण को सीएसआर फंड में सहयोग देने वाली संस्था मैसर्स एचसीएल फाउंडेशन को निर्देशित किया कि वह लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने लिए जागरूकता अभियान चलाए। इसके अलावा शहर के विभिन्न बाजारों में रात में सफाई करने को कहा। कूडे़ का प्रभावी रूप से निस्तारण करने के लिए उन्होंने एचसीएल फाउंडेशन को कम से कम 100 सुपरवाइजर को कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के साथ तैनात करने के निर्देश दिए।
वाटर प्लस के मानक पूरे करने के निर्देश
सीईओ ने जन स्वास्थ्य विभाग से कहा कि विभिन्न नालों व सीवर का ओवरफ्लो रोकें। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के शोधित जल को अधिक मात्रा में सिंचाई, निर्माण, सड़कों पर छिड़काव में इस्तेमाल करें, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण में वाटर प्लस के मानकों को पूरा किया जा सके। आगामी बैठकों में जल खंड के वरिष्ठ प्रबंधक को भी उपस्थित रहना होगा। विभिन्न मार्केट, बस स्टैंड के सामने और विभिन्न क्रासिंग पर फुटपाथ की धुलाई करते हुए विशेष अभियान चलाएं। फुटपाथ और सर्विस रोड की सफाई भी रोज करें। इस दौरान उन्होंने मुख्य मार्गों की मेकेनिकल स्वीपिंग का कार्य करने वाली मैसर्स बीवीजी कंपनी और मैसर्स चेन्नई एमएसडब्ल्यू कंपनी की ओर से बिना पानी छिड़के सफाई करने के कारण उड़ने वाली धूल पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी भी दी कि दोनों कंपनियों ने कार्य में 15 दिन में सुधार नहीं किया तो अनुबंध समाप्त कर दिए जाएंगे।
नोएडा वासियों की सहभागिता बढ़ेगी
प्राधिकरण की ओर से चलाई जा रहीं जनहित योजनाओं जैसे थैला व बर्तन बैंक और विभिन्न समारोह व कार्यक्रमों को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रखे जाने की सीईओ ने बात कही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं में नोएडा के निवासियों सहभागिता बढ़ाई जाए। इसके लिए आरडब्ल्यूए व अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर समिति बनाएं और ऐसी योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए।