नोएडा। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की ओर से शहर में सिटी बसें चलाने के लिए कवायद शुरू की गई है। इलेक्ट्रिक बसों का प्रस्ताव महंगा होने से खारिज कर दिया गया है। अब सीएनजी की सस्ती बसें दौड़ाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
एनएमआरसी की एमडी रितु माहेश्वरी का कहना है कि सिटी बसों का बजट थोड़ा सस्ता होगा। महंगा होने से इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का प्रस्ताव उन्होंने ठुकरा दिया है। ज्यादा महंगी बसें नहीं चाहिए। सीएनजी बसों को प्रस्तुतिकरण देखने के बाद तय किया जाएगा कि बसें चलाने लायक हैं या नहीं। सिटी बसों का ऐसा प्रस्ताव आना चाहिए जो कि बजट में हो। इससे पहले वाला प्रस्ताव 50 बसों का था।
छोटी बसें आने की संभावना
सिटी बस के प्रस्ताव में छोटी बसें लाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छोटी बसें लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए बेहतर साबित होंगी। बड़ी बसों को केवल कुछ खास रूट तक ही सीमित किया जा सकता है, लेकिन छोटी बसों को गलियों में भी भेजा जा सकता है। मेट्रो की राइडरशिप बढ़ाने के लिए इस तरह का कदम उठाना आवश्यक होगा।
पुरानी एजेंसी के साथ नहीं सुलझा मामला
एनएमआरसी के साथ जो पुरानी एजेंसी जुड़ी थी। उसका विवाद अभी नहीं सुलझा है। अधिकारियों का कहना है कि मामला कोर्ट में है। पुरानी एजेंसी का कहना है कि उसे घाटा हुआ है, जबकि एनएमआरसी का कहना है कि बड़ी सीएनजी बसें चलाने से उसे घाटा हुआ है। इससे पहले बताया गया था कि यह वर्ल्ड क्लास बसें हैं, लेकिन नोएडा में यह चल क्यों नहीं पाईं। इस पर अलग-अलग प्रकार की टिप्पणी अधिकारी करते आ रहे हैं।