ग्रेटर नोएडा। जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों के दाखिले के मामले में लगातार निजी स्कूल शासन, प्रशासन और जनता को गुमराह कर रहे हैं। मई-2021 में चयन होने के बाद भी दाखिला नहीं देने पर बुधवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित द मंथन स्कूल के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आठ अभिभावकों ने स्कूल और बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया था।
बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में स्कूल प्रबंधन को बताया गया है कि मई में कुछ बच्चों का चयन लॉटरी के आधार पर किया गया था। इससे पहले भी नोटिस के बावजूद भी इन बच्चों का दाखिला नहीं लिया गया है। बीएसए कार्यालय की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि बच्चों के दाखिले नहीं लिए जाते हैं तो नियम के अनुसार स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी। चयनित बच्चों के अभिभावकों के शिकायती पत्रों को भी इसमें संलग्न किया गया है। अभिभावकों ने मामले में स्कूल जाकर जानकारी लेनी चाही, लेकिन उन्हें वापस कर दिया गया।
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50 फीसदी बच्चों का नहीं हुआ दाखिला
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में किया जाता है। जिले में मई से जुलाई के बीच तीन चरणों में लॉटरी के जरिये करीब 4500 बच्चों का चयन किया गया था। लगभग सात से आठ माह गुजरने के बाद भी 50 फीसदी बच्चों का दाखिला नहीं हो पाया है।
स्कूल संचालक पर दाखिले के लिए पैसे मांगने का आरोप
रबूपुरा । निजी स्कूल संचालकों की मनमानी नौनिहालों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद भी स्कूल संचालक पहले तो शिक्षा का अधिकार नियम के तहत दाखिला नहीं ले रहे हैं। वहीं, अधिक कहने पर रुपयों की मांग कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। कस्बा निवासी इमरान ने डीएम सुहास एलवाई को एक शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि शिक्षा का अधिकार नियम के तहत उसके बेटे सहवान का चयन दुर्गा पब्लिक स्कूल में हुआ था। आरोप है कि स्कूल प्रबंधक दाखिले की एवज में दो हजार रुपये की मांग रहा है। जब पीड़ित ने विरोध किया तो दाखिला लेने से इनकार कर दिया। मामले की बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।