डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के आंबेडकरनगर का रहने वाला अभिषेक उर्फ विक्रम ठक-ठक गिरोह का सक्रिय सदस्य है। उसके दस साथियों को नोएडा पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। कई बार काफी नजदीक पहुंचने के बावजूद अभिषेक की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। शहर में सिलसिलेवार तरीके से वारदात करने के कारण नोएडा पुलिस उसपर इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही थी उसी दौरान दिल्ली पुलिस के सहयोग से अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी ने चोरी के लैपटॉप को एफएनजी सर्विस रोड के पास ग्रीन बेल्ट में छिपा कर रखे थे। पुलिस के अनुसार जो भी कार बाजार या अन्य स्थानों पर खड़ी होती थी आरोपी और उसके गिरोह के सदस्य उसमें पहले झांक कर देखते थे, कि अंदर कोई सामान जैसे लैपटॉप रखा है या नहीं। इसके बाद आरोपी पांच के सिक्के, गुलेल और छर्रे की मदद से महज पांच सेकेंड में कार का शीशा तोड़ देता था। इसके बाद उसमें रखा सामान चोरी कर फरार हो जाता था। अभिषेक के अन्य साथी उस लैपटॉप को बेचकर मिले पैसे आपस में बांट लेते थे।
ऐसे करते हैं वारदात
आरोपी गूगल से यह पता कर लेता था कि सुबह और शाम के समय शहर में किस जगह पर ज्यादा जाम लगता है। वह वहीं पर अपने साथियों को भेज देता था। जाम लगने की जानकारी होते ही वह भी मौके पर पहुंचता था और पलक झपकते ही कार का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी कर लेता था।