जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में जेवर झाझर मार्ग पर खड़े यूकेलिप्टस के पेड़।
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जेवर। नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की जद में आने वाले पेड़ों की मैपिंग शुरू कर दी गई है। इसके बाद पेड़ों को हटाने का काम भी शुरू करा दिया जाएगा। वन विभाग एयरपोर्ट की अधिगृहीत जमीन से 11510 पेड़ों को हटाने की मंजूरी दे चुका है। फिलहाल उन्हीं पेड़ों को हटाया जाएगा, जो निर्माण कार्य में बाधक बनेंगे या जिनसे उड़ानों पर असर पड़ेगा। बाकी पेड़ों को अभी नहीं हटाया जाएगा।
बता दें कि इन पेड़ों की भरपाई के लिए यमुना प्राधिकरण और वन विभाग की 56 हेक्टेयर जमीन पर 1.11 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। कुछ स्थानों पर पौधरोपण शुरू कर दिया गया है। एयरपोर्ट के लिए अधिगृहीत 1334 हेक्टेयर जमीन पर 11510 पेड़ों का मुआवजा देकर नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज करा दिया गया है। नियाल ने वन विभाग से सभी पेड़ों को हटाने की मंजूरी मांगी थी। इस पर वन विभाग ने इसकी भरपाई के लिए दस गुना पौधे लगाने की शर्त पर मंजूरी दी है।
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी सभी पेड़ों को एक साथ हटाने के पक्ष में नहीं है। अधिकारियों को मानना है कि एयरपोर्ट का प्रथम चरण 2030 तक पूरा होगा। ऐसे में अभी से सभी पेड़ों को काटने से पर्यावरण को बेवजह नुकसान पहुंचाना उचित नहीं होगा। अधिकारियों की माने तो जमीन पर सबसे अधिक 8000 पेड़ यूकेलिप्टस के हैं। इनको पर्यावरण के लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं माना जाता। ऐसे में इनका हटाना लगभग तय है। वहीं, जेवर झाजर मार्ग पर खडे़ लगभग 636 पेड़ों को हटाया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण के लिए हितकर व अधिक ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों को काटा नहीं जाएगा। ऐसे 195 पेड़ों को दूसरी जगह विस्थापित किया जाएगा। वहीं, छोटे पौधों को भी काटने के बजाय दूसरी जगह लगाया जाएगा।