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Nithari Kand: निठारी कांड का आरोपी मोनिंदर पंढेर लुक्सर जेल से हुआ रिहा, डी5 कोठी के बाहर पुलिस तैनात

Fri, 20 Oct 2023 02:05 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी नरसंहार में सीबीआई कोर्ट से फांसी की सजा पाए सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को दोषमुक्त करार दिया था।
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निठारी कांड का आरोपी मनिंदर पंढेर लुक्सर जेल से हुआ रिहा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निठारी कांड में बरी होने के बाद मोनिंदर सिंह पंढेर को शुक्रवार दोपहर 1:40 बजे लुक्सर जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस सुरक्षा के बीच पंढेर को लोगों और मीडियाकर्मियों की भीड़ से बचाते हुए किसी तरह कार में बैठाया गया। छह से अधिक वाहनों में सवार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में उसे जेल से रवाना किया गया। उसके साथ तीन अन्य गाड़ियां भी थीं। जिनमें अधिवक्ता समेत अन्य लोग सवार थे।

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बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को हाइकोर्ट ने बरी कर दिया था। उसकी रिहाई से जुड़ा पहला परवाना बुधवार को जिला जेल पहुंच गया था जबकि दूसरा परवाना शुक्रवार को पहुंचा। कागजात अधूरे होने की वजह से उसे डासना जेल से फिर से मंगाना पड़ा। रिहाई से आधे घंटे पहले पुलिस ने दूसरे बंदियों से मिलाई करने आए लोगों को जेल से बाहर निकाल दिया। जेल परिसर के पास सादे कपड़ों में पुलिस तैनात की गई थी।

शुक्रवार को पढ़ेर की रिहाई की सूचना पर जेल परिसर में सुबह से ही मीडिया का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। दोपहर 1:40 बजे जेल का गेट खुला तो पंढेर एक पुलिसकर्मी और अधिवक्ता का सहारा लेकर जेल से बाहर निकला। भारी सुरक्षा के बीच उसे सहारा देकर गाड़ी तक पहुंचाया गया। उसने मीडियाकर्मियों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। अहम है कि पंढेर वर्ष 2014 से 2017 तक जमानत पर जेल से बाहर था।

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सुबह से थी बैचेनी, दो बार जेल कार्यालय पहुंचा
बीते दो दिनों से पंढेर सुबह जल्दी उठकर रिहाई का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को भी वह परवाने की जानकारी के लिए जेल कार्यालय में दो बार पहुंचा। जब जेल से छूटने की खबर से वह अस्वस्थ होते हुए भी काफी खुश दिख रहा था।

मोनिंदर सिंह पंढेर की रिहाई के लिए दो परवाने आने थे। पहला बुधवार को आ गया था। दूसरा परवाना शुक्रवार को आया। जिसके कुछ देर बाद दोपहर में उसकी रिहाई कर दी गई है। -अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक

एक नजर में निठारी कांड
नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव निवासियों के बच्चे वर्ष 2004 से लापता हो रहे थे। परिजन थाना सेक्टर-20 पुलिस से लेकर बड़े पुलिस अधिकारियों तक लगातार गुहार लगा रहे थे। मगर पुलिस गुमशुदगी दर्ज करने के बजाय पीड़ितों को भगा देती थी। गायब होने वालों में अधिकतर लड़कियां थीं। इस बीच पायल नाम की युवती भी निठारी की पानी की टंकी के पास से लापता हो गई। 

उसके पिता सेक्टर-19 निवासी नंदलाल ने सेक्टर-31 स्थित डी-5 नंबर की कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर पर बेटी के अपहरण का शक जाहिर करते हुए पुलिस से शिकायत की। पंढेर जेसीबी के बड़े डिस्ट्रीब्यूर थे। पुलिस ने नंदलाल को ही बेटी से देह व्यापार करने का आरोप लगाते हुए भगा दिया। नंदलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
 
हाईकोर्ट ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश देकर सीओ स्तर के अधिकारी को कोर्ट में बुलाया। उसी साल 15 दिसंबर को अधिकारियों ने मोनिंदर और सुरेंद्र कोली से पूछताछ की। रात में ही उन्हें छोड़ दिया गया। 

हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट में पंढेर और कोली को क्लीन चिट देने का प्रयास करते हुए नंदलाल को ही आरोपी बनाने का प्रयास किया गया। हाईकोर्ट ने एक बार फिर नंदलाल के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की और पुलिस को प्रगति आख्या देने के लिए कहा।

पुलिस ने निठारी में रहने वाले मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से बच्चों और महिलाओं के दर्जनों कंकाल बरामद किए गए थे। पुलिस ने मोनिंदर सिंह और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया था। पुलिस की विवेचना के बीच ही मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के कुल 16 मामले दर्ज किए थे।
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