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Noida News: पांच वर्षों में तीन गुना बढ़कर 1.27 लाख करोड़ पहुंचा कर्ज

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2019 वित्तीय वर्ष में जिले के लोगों पर 42 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था
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रिपोर्ट में इन पांच वर्षों में सबसे अधिक बिजनेस व होम लोन लेने वाले बढ़े
माई सिटी ब्यूरो
नोएडा। कर्ज का बोझ बीते पांच वर्षों में चिंताजनक दर से बढ़ा है। 2019 वित्तीय वर्ष में जिले के लोगों पर 42 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था जोकि 2024 फरवरी अंत तक बढ़कर 1.27 लाख करोड़ पहुंच गया है। लीड बैंक द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन पांच वर्षों में सबसे अधिक बिजनेस व होम लोन लेने वाले बढ़े हैं। वहीं हाल ही के वर्षों में एग्रीकल्चर व पर्सनल लोन लेने वाले लोगों की संख्या में भी खासा बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कोरोना के दौरान पर्सनल लोन वाले लोगों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला था लेकिन फिलहाल सामान्य है।

लोगों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति इतनी तेजी से बढ़ रही है कि इस वर्ष के शुरुआती दो माह में ही तीन हजार करोड़ रुपये का लोन जिले के लोग ले चुके हैं। लीड बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 2020-2021 और 2021-2022 के वित्तीय वर्ष में पर्सनल लोन कुल लोन का 25 प्रतिशत तक पहुंच गया था। आर्थिक तंगी से उभरने के लिए लोगों ने पर्सनल लोन लिया। बदलते हालातों के बाद धीरे-धीरे पर्सनल लोन का आंकड़ा कम होता गया। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि वर्तमान की स्थिति की बात करें तो स्थिति ठीक है। बैंकों के पास लोगों को लोन देने के लिए पर्याप्त मात्रा में रकम है। जिले में फिल्हाल 1.90 लाख करोड़ रुपये की राशि बैंकों में जमा है, जोकि किसी जिले के लिए काफी अच्छी स्थिति है। वहीं जानकारों के अनुसार, कर्ज की बढ़ती स्थिति को चिंताजनक माना जा रहा है। जेएनयू विश्वविद्यालय से रिटायर्ड प्रोफेसर और अर्थशास्त्री अरुण कुमार बताते हैं कि पांच वर्ष में किसी जिले में यदि तीन गुना तक कर्ज बढ़ा हो तो यह काफी चिंताजनक बात है। बिजनेस लोन की श्रेणी को हटा भी दिया जाए तो करीब 60 प्रतिशत अन्य लोन लिया गया है। 2019 में रेपोरेट 5.75 प्रतिशत तक था जो कि इन वर्षों में बढ़कर 6.50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रेपोरेट 1.75 प्रतिशत अधिक होने के बाद भी लोग लोन लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
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इस श्रेणी में विभाजित है लोन

बिजनेस लोन -40 प्रतिशत
होम लोन- 25 प्रतिशत
पर्सनल लोन- 15 प्रतिशत
एग्रीकल्चर- 10 प्रतिशत
अन्य - 10 प्रतिशत



ऐसे बढ़ता गया कर्ज

2019-2020 42 हजार करोड़
2020-2021- 58 हजार करोड़
2021-2022- 72 हजार करोड़
2022-2023- 96 हजार करोड़
2023- 2024 अब तक - 1.27 लाख करोड़


पांच वर्षों में बढ़कर तीन प्रतिशत पहुंचा एजुकेशन लोन
जिले में कुल लोन का तीन प्रतिशत हिस्सा एजुकेशन लोन का है। 2019 में यह डेढ़ प्रतिशत था जोकि 2024 की फरवरी तक बढ़कर तीन प्रतिशत पहुंच गया है। लीड बैंक के अनुसार, हर वर्ष एजुकेशन लोन में मामूली बढ़ोतरी हो रही है। वहीं एग्रीकल्चर के लिए भी कर्ज का आंकड़ा 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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