नोएडा। एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर को गिराने के आदेश से प्राधिकरण की साख पर बट्टा लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इन टावर को गिराने के लिए तीन माह का समय दिया है। उधर, शासन ने भी इस पूरे प्रकरण में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। ऐसे में प्राधिकरण अधिकारी अब अपनी दोबारा किरकिरी नहीं कराना चाहते। सूत्रों के मुताबिक ट्विन टावर से पहले ही शहर के 12 बिल्डरों के अवैध निर्माण पर प्राधिकरण कार्रवाई कर सकता है।
सुपरटेक बिल्डर के एमराल्ड कोर्ट प्रकरण में पूर्व में तैनात रहे प्राधिकरण के कई अधिकारियों पर कार्रवाई तलवार लटकी हुई है, वहीं मौजूदा अधिकारी अब इस मामले में कोई रिस्क लेते नहीं दिख रहे हैं। यही कारण है कि आगामी एक-दो दिन के बाद से ही शहर में अब विभिन्न अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्राधिकरण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती तौर पर ऐसे करीब 12 बिल्डरों के प्रोजेक्ट की सूची तैयार की गई है। इनमें से ज्यादातर ऐसी सोसाइटी हैं जहां की आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने उनकी शिकायत प्राधिकरण अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक कर रखी हैं। प्राधिकरण के अधिकारी ऐसे मामलों में अब आरडब्ल्यूए की शिकायतों को ही आधार मानकर कार्रवाई के मूड में हैं।
बरसात के कारण नहीं उड़ पाया ड्रोन, आज होगा ट्विन टावर का सर्वे
नोएडा। आधी रात से ही शुरू हुई तेज बरसात के कारण शनिवार सुबह एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर का ड्रोन सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका। बारिश की वजह से ड्रोन को उड़ाया नहीं जा सका। ऐसे में अब रविवार को बाकी बचे हुए सर्वे का काम पूरा किया जाएगा। विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट को आगामी एक-दो दिनों में शासन के सुपुर्द कर सकती है। इसके बाद शासन स्तर से प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया इस ड्रोन सर्वे के अलावा मौके पर एसआईटी सदस्यों के निरीक्षण व लोगों से की गई बातचीत और उनके दर्ज बयानों को कैमरे में रिकार्ड किया गया है। पूरी रिकॉर्डिंग और ड्रोन सर्वे रिपोर्ट एक पेन ड्राइव के माध्यम से एसआईटी को भेज दी जाएगी। एसआईटी इस पेन ड्राइव को भी अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी।
पिछले दिनों ट्विन टावर को गिराने के आदेश के बाद प्राधिकरण की काफी किरकरी हुई थी। इस मामले में प्रदेश शासन ने एक एसआईटी का गठन किया था। टीम का अध्यक्ष अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ-साथ नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सब्बरवाल और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनूप कुमार श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया था। करीब तीन दिनों तक जांच करने के बाद बृहस्पतिवार को टीम के सदस्य वापस चले गए थे। उसी दिन ट्विन टावर का सर्वे ड्रोन से कराया जाना भी तय हुआ था। इसके अगले दिन शुक्रवार को एक कंपनी के माध्यम से ट्विन टावर का सर्वे कराया गया। इसमें देखा गया कि दोनों टावर में असल निर्माण और प्राधिकरण से पास नक्शे में कितनी अनियमितताएं हैं। शुक्रवार को सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाया था। ऐसे में बाकी बचा कार्य शनिवार को होना था। लेकिन शनिवार सुबह तेज बरसात के कारण ड्रोन उड़ ही नहीं पाया और सर्वे का काम अटक गया। अधिकारियों की माने तो अब ट्विन टावर के बाकी बचे ड्रोन सर्वे का कार्य रविवार को पूरा किया जाएगा। उधर, शासन ने एसआईटी को जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। जो बीत चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार या मंगलवार तक एसआईटी अपनी जांच रिपोर्र्ट शासन को प्रस्तुत कर देगी।