ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में इकलाख हत्याकांड मामले में गुरुवार को पत्नी इकरामन और बेटी शाइस्ता की गवाही नहीं हो पाई। इकलाख पक्ष के अधिवक्ता यूसुफ सैफी ने बताया कि कोर्ट का समन शाइस्ता और इकरामन को नहीं प्राप्त हुआ था। इस वजह से दोनों गवाह जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश नहीं हुईं।
वहीं, इस केस में दूसरे पक्ष के अधिवक्ता रामशरण नागर ने बताया कि अब कोर्ट ने गवाही के लिए 12 अप्रैल की तिथि दी है। इस दौरान कोर्ट से गवाहों को समन जाएगा। 28 सितंबर 2015 को जारचा थाना क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में गोहत्या की सूचना पर भीड़ ने इकलाख की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
हमले में इकलाख का बेटा दानिश भी घायल हो गया था। इस मामले में दानिश के अलावा इकलाख की पत्नी इकरामन और बेटी शाइस्ता गवाह हैं। जबकि 12 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।
जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में गुरुवार से इस केस का ट्रायल शुरू होना था। इस दौरान दोनों अहम गवाहों शाइस्ता और इकरामन की गवाही होनी थी। इकरामन अपने बेटों दानिश के साथ दिल्ली में रहती हैं। जबकि, शाइस्ता की शादी मुरादनगर में हुई है। इकलाख पक्ष की ओर से अधिवक्ता यूसुफ सैफी ने बताया कि दोनों गवाहों को कोर्ट से समन प्राप्त नहीं हुआ था। इस वजह से गवाही नहीं हो पाई।