फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैसे गिराए जाएंगे सुपरटेक के ट्विन टावर, मंगलवार को होगा तय

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के ट्विन टावर कैसे गिराए जाएंगे, इसे मंगलवार तक तय कर लिया जाएगा। प्राधिकरण और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की टीम इसका खाका खींचने का काम पूरा कर लेंगे। ट्विन टावर की 40 मंजिल में से 32 तक निर्माण हो चुका है, जिसे गिराने की योजना पर काम चल रहा है। कोर्ट के निर्देश पर इस काम को 30 नवंबर तक पूरा करना है। वहीं, ट्विन टावर गिराने के दौरान आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर आरडब्ल्यूए की ओर से चिंता जताई जा रही है।
विज्ञापन

प्राधिकरण के अनुसार, सीबीआरआई के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में दो तरीके से टावर गिराने पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें एक तरीका सीधे नीचे की ओर इमारत के धंसने का है जबकि दूसरे तरीके के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।अधिकारियों का कहना है कि कार्ययोजना पर विचार के लिए शनिवार को भी बैठक होगी। इधर, एमरॉल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए की ओर से ट्विन टावर नंबर 16 व 17 (एपेक्स व स्यान) को गिराने के दौरान एमरॉल्ड कोर्ट के टावर-1 सहित अन्य इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की गई है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि टावर गिराने के दौरान मलबे और कंपन से सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। लिहाजा, इस पर गहन मंथन करना होगा।
आरडब्ल्यूए और बिल्डर को भी किया जाएगा शामिल
प्राधिकरण की एसीईओ नेहा शर्मा का कहना है कि ट्विन टावर गिराने को लेकर जो कार्य योजना तैयार हो रही है, उसमें एमराल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए को भी बातचीत के लिए बुलाकर सलाह ली जाएगी। बिल्डर से भी बात होगी। इसके अलावा मलबा हटाने को लेकर बिल्डर को निर्देश दिया जाएगा। मलबे की रिसाइकिलिंग की योजना भी बनाई जाएगी।
विज्ञापन

टावर गिराने से पहले सुरक्षा के बाबत किया जाएगा अध्ययन
प्राधिकरण का कहना है कि टावर गिराने को लेकर एक आंतरिक कमेटी बनाई गई है। इसमें एसीईओ, सीजीएम सिविल, जीएम प्लानिंग, डीजीएम एनटीसी, वर्क सर्किल के अलावा ट्रैफिक पुलिस शामिल है। टावर गिराने के दौरान रूट डायवर्जन करना होगा। अगल-बगल की कई इमारतों को खाली कराना होगा।
देश की किसी एजेंसी को दिया जाएगा काम, होगा टेंडर
ट्विन टावर गिराने के लिए देश की ही किसी एजेंसी को मौका मिलेगा। सीबीआरआई की ओर से इसके लिए एजेंसी की तलाश की जा रही है। हालांकि, इस काम के लिए टेंडर निकाला जाएगा। सीबीआरआई ने प्राधिकरण को इसका टेंडर निकालने की अपील की है। टावर गिराने का पूरा खर्च सुपरटेक को वहन करना होगा।
आरोपी आर्किटेक्ट व कंपनियों पर कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट मामले की एसआईटी जांच की रिपोर्ट में दो आर्किटेक्ट व उनकी कंपनियों के खिलाफ गड़बड़ी में शामिल होने का मामला सामने आने पर शासन ने कार्रवाई के लिए प्राधिकरण को कहा था। अब प्राधिकरण ने काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर को पत्र लिख दिया है। इसमें पंजीकरण निरस्त करने और काम से वंचित करने की अपील की गई है। प्राधिकरण की ओर से दीपक मेहता एंड एसोसिएट्स आर्किटेक्ट, प्लानर्स, वैल्यूअर्स, लैंडस्केप एंड इंटिरियर्स कंपनी व दीपक मेहता और मोदार्क आर्किटेक्ट इंटीरियर डिजाइनर एंड प्लानर व आर्किटेक्ट नवदीप के खिलाफ काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर को पत्र लिखा गया है। इसमें पंजीकरण निरस्त करने और काम से वंचित करने की अपील की गई है। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर की संस्तुति अगर मिल जाती है तो कंपनियां व आर्किटेक्ट भविष्य में काम नहीं कर पाएंगे। संभव है कि कुछ समय के लिए दंडित किया जाए।
ग्रीन बेल्ट की जमीन पर तार से घेराबंदी के लिए लगे पिलर
एमरॉल्ड कोर्ट परिसर के पास कब्जे से खाली कराई गई ग्रीन बेल्ट पर बुधवार को प्राधिकरण ने पिलर लगा दिए। अधिकारियों का कहना है कि तार से घेराबंदी का काम बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएगा। पिलर लगाने के दौरान निवासियों की ओर से किसी तरह का विरोध नहीं किया गया। इसके अलावा प्राधिकरण की टीम ने एमरॉल्ड कोर्ट की पार्किंग में बिल्डर की बनाई दीवार भी तोड़ दी। यहां करीब 100 मीटर लंबी दीवार बनाकर पार्किंग बांट दी गई थी। अब यहां एमरॉल्ड कोर्ट के निवासी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं।
दरअसल, एमरॉल्ड कोर्ट परिसर और एटीएस सोसाइटी के बीच 7 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट है। इसके एक ओर एटीएस ने दीवार खड़ी कर रखी है। दूसरी ओर सुपरटेक को दीवार खड़ी करनी थी, लेकिन बिल्डर ने दीवार नहीं बनाई। इस वजह से एमरॉल्ड कोर्ट के निवासी ग्रीन बेल्ट का उपयोग कई वर्षों से कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें