यूपी में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय, 10 साल में 53.5 फीसदी से बढ़कर 6.47 लाख हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सालाना कमाई के मामले में गौतमबुद्धनगर के लोगों ने पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। आईटी कंपनियों के अलावा उद्योगों में अच्छी सैलरी और स्टार्टअप के बढ़ते कदमों की वजह से प्रति व्यक्ति आय में गौतमबुद्धनगर शीर्ष पर है। कोरोना में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होने के बाद भी पिछले 10 साल में यह आय बढ़ी है। प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग के अधीन निदेशक सांख्यिकी की हालिया जारी प्रति व्यक्ति निवल घरेलू उत्पाद रिपोर्ट के मुताबिक गौतमबुद्धनगर की प्रति व्यक्ति आय 6.47 लाख रुपये सालाना हो चुकी है। यह आंकड़ा 2021-22 के आय के आंकड़ों के आधार पर है।
2011-12 की तुलना में यह बढ़ोतरी करीब 53.5 फीसदी हो चुकी है। उस समय प्रति व्यक्ति आय 4.21 लाख रुपये थी। यह उस समय है जबकि 2020-21 में उद्योग व कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसके बाद उद्योग और कारोबार ने फिर से आर्थिक संकट से उबरना शुरू किया। आने वाले सालों में प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े में और बेहतरी की उम्मीद की जा रही है। जानकारों का कहना है कि गौतमबुद्धनगर में पिछले कुछ सालों में आईटी से जुड़ी कंपनियां आई हैं। इस वजह से कमाई के अवसर भी बढ़े। इसके अलावा आईटी आधारित सेवाएं जैसे रोबोटिक्स, एआई, मोबाइल एप निर्माण जैसे काम भी यहां बढ़े है। डाटा सेंटर बिजनेस ने भी अपनी मौजूदगी यहां दर्ज कराई है। एचसीएल, सैमसंग, वीवो, रिलायंस समूह की कंपनी एडवर्ब जैसी कंपनियां भी अब यहां मौजूद हैं। यही वजह है कि इन सब से आकर्षित होकर वीवर्क जैसी अमेरिकी कंपनियां भी यहां अपनी शेयरिंग स्पेस जैसी सेवाएं देने आ चुकी हैं।
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एक लाख रुपये सालाना कमाई वाले सिर्फ छह जिले
रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख से अधिक सालाना कमाई वाले पूरे यूपी में केवल पांच जिले हैं। इनमें सबसे ऊपर गौतमबुद्धनगर है। इसके अलावा मेरठ दूसरे नंबर पर है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 1,35,804 रुपये है। तीसरे नंबर पर एटा प्रति व्यक्ति आय 1,21,343 रुपये के साथ है। चौथे और पांचवे नंबर पर क्रमश: आगरा और लखनऊ है जिनकी प्रति व्यक्ति आय 1,15,889 और 1,15,455 रुपये है। छठे स्थान पर हमीरपुर 1,10,418 रुपये आय, सातवें स्थान पर अमरोहा 97,881 रुपये, आठवें स्थान पर कानपुर नगर 96,475 रुपये, नौवें स्थान पर गाजियाबाद 95,216 रुपये, 10वें स्थान पर हापुड़ 91,893 रुपये रहा। सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला बलरामपुर है। यहां प्रति व्यक्ति आय 31,475 रूपये सालाना है।
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तेजी से विकसित हो रहा जिला
गौतमबुद्धनगर में कई बड़ी कंपनियां रोजगार दे रही हैं जोकि अच्छा वेतन भी देती हैं। औद्योगिक जिला होने की वजह से यहां उत्पादन भी काफी अधिक है। आंकड़ा देखें तो 1.03 लाख करोड़ रुपये गौतमबुद्धनगर की जीडीपी है जोकि पूरे प्रदेश का 10 फीसदी है। उम्मीद है कि आने वाले सालों में यह आंकड़े और बेहतर होंगे। - विपिन कुमार मल्हन, अध्यक्ष, नोएडा आंत्रप्रिन्यॉर्स एसोसिएशन
आय की सही स्थिति नहीं पता चलती
प्रति व्यक्ति निवल घरेलू उत्पाद को प्रति व्यक्ति आय भी माना जा सकता है। प्रति व्यक्ति निवल घरेलू उत्पाद के लिए कुल आंकडे को आबादी के अनुपात में औसत निकालते है। लेकिन, इससे किस वर्ग की कितनी आय है, यह भी वितरण भी पता नहीं चलता। सीधी बात यह है कि कुछ लोगों की आय औसत से भी कई गुना होगी, कुछ औसत से भी कम सालाना आय पर गुजर-बसर करते हैं। -प्रो. अरूण कुमार, पूर्व अर्थशास्त्री, जेएनयू।