ग्रेटर नोएडा। कूड़ा निस्तारण में खामी मिलने पर ग्रेनो प्राधिकरण ने ईकोटेक-1 व ईकोटेक-1 एक्सटेंशन वन स्थित चार कंपनियों पर 3.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि अगर कूड़े का उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो जुर्माने की रकम दोगुना कर दी जाएगी। वहीं, एक सप्ताह की निर्धारित अवधि में जुर्माना अदा न करने पर दोगुनी रकम वसूली जाएगी।
प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, डीजीएम (जन स्वास्थ्य) सलिल यादव के निर्देश पर शुक्रवार को सहायक प्रबंधक वैभव नागर के नेतृत्व में टीम ने ईकोटेक-1 व ईकोटेक-1 एक्सटेंशन वन स्थित कंपनियों का जायजा लिया। चार कंपनियां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। ईकोटेक-1 एक्सटेंशन-1 स्थित मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड पर 51500 रुपये, इकोटेक वन स्थित मैजिक इंटरनेशनल पर 4000 रुपये, ईकोटेक वन स्थित यूआईएल इलेक्टॉनिक्स इंडिया प्रा. लि. पर 2.02 लाख रुपये और ईकोटेक-1 स्थित सिस्टमेयर इंडिया प्रा. लि पर 57,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ये कंपनियां कूड़े का नियमानुसार प्रबंधन नहीं कर रहीं थीं। मौके पर इधर-उधर कूड़ा फेंका हुआ था। कूड़े को अलग-अलग भी नहीं किया जा रहा था। प्राधिकरण ने जुर्माने की रकम एक सप्ताह में जमा कराने को कहा है। इस अवधि में न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीजीएम सलिल यादव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों को खुद से कूड़े का निस्तारण करना होता है, सिर्फ अवशेष कूड़ा ही प्राधिकरण उठाता है। उसके लिए तय शुल्क जमा करना पड़ता है।