जेवर के गांव गोविंदगढ स्थित अपने घर पंहुचने पर राखी बांधती प्रवीन कुमार की बहन।
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जेवर (मनोज कुमार शर्मा)। टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार शुक्रवार को अपने घर पहुंचे तो उनकी मां और छोटी बहन की आंखों में खुशी के आंसू थे। देर शाम प्रिया ने प्रवीण को राखी बांधते हुए अगली बार पैरालंपिक में स्वर्ण पदक लाने का वादा कराया। वहीं, प्रवीण ने कहा कि टोक्यो में मां के हाथ के खाने को तरस गया था। वहां फल और जूस से ही काम चलाना पड़ रहा था। अब पेट भरकर मां के हाथ का खाना खाऊंगा।
टोक्यो जाने से पहले कोरोना गाइडलाइन के तहत प्रवीण रक्षाबंधन पर न तो अपने गांव गोविंदगढ़ आ सके और न ही बहन को दिल्ली बुलाकर राखी बंधवा सके। प्रिया ने बताया कि टोक्यो जाने से पहले प्रवीण को क्वारंटीन में रखा गया था, इस वजह से रक्षाबंधन पर परिजनों को प्रवीण से नहीं मिलने दिया गया। प्रवीण ने फोन कर प्रिया से कहा था कि गांव आने पर सबसे पहले राखी बंधवाऊंगा। पिता अमरपाल सिंह ने बताया कि दोपहर बाद प्रवीण भीड़ के बीच खुली जीप में सवार होकर गांव पहुंचा। प्राथमिक विद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में जाते वक्त प्रवीण घर के सामने से गुजरा। देर शाम गांव आए सभी अतिथियों को विदा करने के बाद वह घर आया। उधर प्रवीण की सुरक्षा में एक एसआई और दो कांस्टेबल तैनात रहे। (संवाद)