मरीजों को भड़काया सरकारी लेंस खराब, खुद बेचते पकड़ा गया दलाल
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- राष्ट्रीय अंधता निवारण योजना में निशुल्क लगाया जाता है मरीजों को लेंस, जल्दी खराब हो जाने का डर दिखा रहा था आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के समय लगाए जाने वाला सरकारी लेंस अच्छा नहीं होता। यह जल्दी खराब हो जाएगा। इसके बाद फिर से ऑपरेशन कराना पड़ेगा। इससे आंख भी खराब हो सकती है।... जिला संयुक्त अस्पताल में बुधवार को मरीजों को इस तरह से बहकाकर निजी कंपनी का लेंस बेचते हुए एक युवक को पकड़ा गया। अस्पताल प्रशासन ने उसे पुलिस को सौंप दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मरीज के तीमारदार से डील करते हुए युवक को पकड़ा गया। लेंस लाने के लिए उसने तीमारदार से कुछ रुपये भी लिए थे। पकड़े जाने पर सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने पुलिस बुला लिया। पुलिस दलाल को पूछताछ के लिए अपने पास ले गई। देर शाम तक इस मामले में मरीज की तरफ से कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि रेट तय नहीं होने पर खुद तीमारदार ही दलाल को पकड़कर सीएमएस के पास ले गया था। उसी ने मौखिक शिकायत कर दलाल के कारनामे के बारे में बताया।
सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल का कहना है कि पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। इसमें अस्पताल का स्टाफ तो शामिल नहीं है इसकी भी जांच वह करवा रही हैं। उन्होंने कहा, मरीजों को दलालों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। सरकारी लेंस भी अच्छी गुणवत्ता का है। इसके भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। आंख में लेंस राष्ट्रीय अंधता निवारण योजना में नि:शुल्क लगाया जाता है। इसके लिए किसी के बहकावे में आकर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।
... तो क्या अस्पताल का स्टाफ भी शामिल
इस पूरे मामले में अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत भी होने की संभावना सामने आ रही है। दलाल को मरीजों की जानकारी कैसे मिल रही थी। यह सवाल अस्पताल स्टाफ की तरफ इशारा कर रहा है। यह भी बताया गया है कि दलाल से संपर्क करने के लिए कार्ड खुद अस्पताल के स्टाफ द्वारा ही दिया जाता था।