जेवर। कोरोना टीकाकरण कराने के लिए लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के फरमान ‘पहले कोरोना जांच कराओ फिर टीका लगवाओ’ ने लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया। इससे स्लॉट बुक कराकर सुबह से लाइन खड़े कई लोग मायूस होकर लौट गए। वहीं, कुछ लोगों ने इसकी शिकायत सीएमओ और एसडीएम जेवर से की है। बता दें कि शुक्रवार सुबह से चिलचिलाती धूप में स्लॉट बुक बड़ी संख्या में लाभार्थी लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। टीकाकरण शुरू होने के कुछ देर बाद ही स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी पवन कुमार ने फरमान जारी कर दिया कि जिन लोगों ने कोरोना की जांच नहीं करवाई है, उन्हें टीका नहीं लगाया जाएगा। लोगों के पूछने पर केंद्र प्रभारी ने इसका ठीकरा उच्चाधिकारियों के सिर फोड़ दिया।
इससे केंद्र पर व्यवस्था बिगड़ने लगी। कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए बिना टीका लगवाए ही लौट गए। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम व सीएमओ से कर दी। दोनों अधिकारियों ने मामले को संज्ञान लेकर केंद्र प्रभारी को फटकार लगाई। आरोप है कि इसके बाद भी केंद्र प्रभारी अपनी जिद पर अड़े रहे। इससे टीकाकरण कराने पहुंचे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि विभाग या सरकार की ओर ऐसा कोई आदेश नहीं आया है, जिसमें टीका लगवाने से पहले कोरोना जांच कराना अनिवार्य हो। विभाग टीकाकरण के साथ अधिक से अधिक कोरोना जांच कराने पर भी जोर दे रहा है, लेकिन बिना जांच कराए टीका नहीं लगाने के संदर्भ में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
14 निजी टीकाकरण केंद्र बढ़े, सरकारी पर वैक्सीन की कमी
वैक्सीन के अभाव में शुक्रवार को भी जिले के करीब 24 टीकाकरण केंद्र बंद रहे। जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लोगों को निराश लौटना पड़ा। निशुल्क वैक्सीन नहीं मिलने पर लोगों ने अब निजी अस्पतालों का रुख करना शुरू कर दिया है। भीड़ बढ़ती देखते हुए जिले में 14 निजी टीकाकरण केंद्र बढ़ाए गए हैं। जहां भुगतान कर लोग कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा रहे हैं। शुक्रवार को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर 6383 लोगों ने निशुल्क टीके लगवाए। इनमें 18 वर्ष से अधिक आयु के 3653 लोगों ने पहली और 2734 ने दूसरी डोज ली। शुक्रवार को जनपद में कुल 51 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ।
इनमें 33 निजी और 18 सरकारी केंद्र शामिल रहे। इससे पहले केवल 19 निजी केंद्रों पर ही टीकाकरण हो रहा था। रात आठ बजे तक 13,175 लोगों को टीके लगे। इनमें 70 फीसदी से अधिक टीकाकरण निजी केंद्रों पर हुआ। जिला अस्पताल में सुबह छह बजे से लोग टोकन लेने के लिए पहुंच गए, लेकिन केवल स्लॉट बुकिंग के आधार पर टीकाकरण का हवाला देकर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें लौटना शुरू कर दिया। सुबह 10 बजे तक अस्पताल में टीकाकरण के लिए भीड़ लगी रही। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। इसी तरह शिशु अस्पताल और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) जैसे कई बड़े केंद्रों में वैक्सीन नहीं पहुंचने के कारण टीकाकरण नहीं हुआ। जिले में अब तक 17,77, 416 लोगों को टीका लग चुका है। इनमें 14,28,805 को पहली और 3,48,611 को दूसरी डोज लगी है।
शनिवार को सिर्फ दूसरी डोज लगेगी
अब जिले में शनिवार को सिर्फ कोरोना की दूसरी डोज लगाई जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। आज केंद्रों पर केवल दूसरी डोज लेने वालों का ही टीकाकरण किया जाएगा।
फ्लूड खत्म होने से रुकी आरटी-पीसीआर जांच
जिले में रोजाना 7900 कोरोना जांच करने का लक्ष्य है, लेकिन किट नहीं होने से लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल सहित कई केंद्रों पर दोपहर 12 बजे के बाद कोरोना जांच नहीं हो पा रही है। कहीं आरटीपीसीआर किट नहीं है तो कहीं जांच के लिए जरूरी फ्लूड का अभाव है। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के लिए फ्लूड नहीं होने से दो दिन तक जांच नहीं हुई। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग से फ्लूड मंगवाकर जांच शुरू कराई गई। जिले में रोज 4400 एंटीजन और 3500 आरटीपीसीआर जांच करने का लक्ष्य है।