ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सेक्टर-21 में बनने वाली फिल्म सिटी तीन चरणों में विकसित होगी। पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित होने वाली फिल्म सिटी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर शासन ने मुहर लगा दी है। डीपीआर बनाने वाली कंपनी तीन सप्ताह में निविदा प्रपत्र तैयार करेगी। दिसंबर तक फिल्म सिटी का विकास करने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा।
1000 एकड़ में विकसित होने वाली फिल्म सिटी की डीपीआर सीबीआरई कंपनी ने बनाई है। शासन में गठित समिति ने 12 अगस्त को इस पर मुहर लगा दी। कमेटी ने बताया कि फिल्म सिटी पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी। उन्होंने इसके लिए हाइब्रिड फाइनेंशियल मॉडल तय किया है। इसमें सालाना तय शुल्क और लाभांश में भी हिस्सेदारी मिलेगी। शासन के आदेश के बाद यमुना प्राधिकरण ने सीबीआरई कंपनी को निविदा प्रपत्र तैयार करने के आदेश दिए हैं।
कंपनी को इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है। कागजात तैयार होने के बाद शासन को भेजे जाएंगे। शासन की अनुमति मिलने के बाद वैश्विक निविदा निकलेगी, ताकि विदेशी कंपनियां भी भाग ले सकें। दो महीने के भीतर विकासकर्ता कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। कंपनी के साथ 40 साल का एग्रीमेंट होगा। कंपनी को लीज के बजाय लाइसेंस दिया जाएगा।
पहला चरण पूरा होते ही शुरू हो सकता है फिल्म निर्माण
पहले चरण में फिल्म से जुड़ी गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। इसमें फिल्म स्टूडियो, खुला एरिया, एम्यूजमेंट पार्क, विला आदि बनेंगे। 120 एकड़ में एम्यूजमेंट पार्क, 20-20 एकड़ में फिल्म स्टूडियो बनेंगे। पहले चरण के 80 प्रतिशत हिस्से में केवल फिल्म से जुड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे, ताकि चरण पूरा होते ही फिल्म की शूटिंग शुरू हो सके।
दूसरे चरण में होटल और तीसरे चरण में रिटेल स्टोर
फिल्म सिटी के दूसरे चरण में होटल, रिसोर्ट और व्यावसायिक गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में रिटेल सेक्टर का विकास होगा। इस दौरान पूरी फिल्म सिटी के सभी विकास कार्य पूर्ण होंगे।
---
चरण कब पूरा होगा जमीन अनुमानित लागत
पहला 2023-24 376 2500
दूसरा 2026-27 298 2700
तीसरा 2028-29 236 2100
(नोट-अनुमानित लागत करोड़ रुपये में हैं)