नूंह। जिले में खाद का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। सरसों की बिजाई के बाद किसान अब गेहूं की तैयारियों के साथ बिजाई के लिए डीएपी खाद लेने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। प्रदेश सरकार भले ही खाद की किल्लत नहीं होने की बात कर रही है। धरातल पर असलियत कुछ और ही है।
नूंह जिले के पुन्हाना, पिनगवां, नगीना व फिरोजपुर झिरका सहित इंडरी खंडों में किसानों की खाद की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सरकार द्वारा अभी प्राइवेट दुकानों पर खाद मुहैया कराया जा रहा है लेकिन यह किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण किसानों की लंबी लाइनें लगी हुई है। शुक्रवार को नूंह अनाज मंडी में काफी भीड़ रही। शाम होते-होते किसानों को बिना खाद के मायूस होकर अपने घरों को लौटना पड़ा। इस दौरान किसान महबूब, रमजान, राशिद, सतबीर, देंवेद्र, सतेंद्र व रिजवान ने बताया कि सुबह बड़ी उम्मीद के साथ वह खाद लेने के लिए पहुंचे थे लेकिन खाद कम किसान अधिक होने के चलते उन्हें खाद नहीं मिल पाया। जिससे उनको निराश होकर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अभी खाद की बहुत अधिक जरूरत है सरसों की बिजाई में भी देरी हो रही है दूसरी और अब गेहूं की बिजाई का समय भी निकट आ रहा है ऐसे में खाद की आपूर्ति नहीं होने से काफी बेचैनी हो रही है।
कालाबाजारी की बड़ी आशंका
प्रशासन द्वारा जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन फिरोजपुर झिरका में बृहस्पतिवार को भी 70 खाद पकड़े गए थे। अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग डीएपी को कीमत से अधिक दामों पर खरीदने को मजबूर है। लोग चोरी छिपे अभी खाद खरीद रहे हैं।
पुलिस के पहरे में बांटा जा रहा है खाद
पूरे जिले में इन दिनों पुलिस के पहरे में खाद को बांटा जा रहा है। कई बार पुलिस के साथ लोगों की कहासुनी हो रही है। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस को बुलाना पड़ रहा है।
सरकार ही मोर्चे पर हो रही है फेल
नूंह कांग्रेस के विधायक आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार आज हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। पेट्रोल डीजल, सरसों के तेल, गैस सहित अन्य महंगाई की मार से किसान अभी उभरे नहीं है। अब डीएपी के लिए उनको भारी संकट से जूझना पड़ रहा है।
किसानों थोड़ा संयम रखे, खाद की आपूर्ति होगी
उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि किसान थोड़ा संतोष रखें। जिले में हर दिन खाद को बांटा जा रहा है। कई लोग जरूरत से अधिक खाद खरीदने की फिराक में हैं ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है। खाद का ब्लैक करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। लोग थोड़ा संयम से काम लें। उनकी खाद की जरूरत को पूरा कराया जाएगा।