नोएडा। लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में नोएडा के 81 गांवों के किसानों ने सोमवार को मौन रहकर जुलूस निकाला। प्राधिकरण की परिक्रमा करते हुए 2 मिनट की मौन भी रखा गया। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान अपनी समस्याएं रखने में असहज हैं। किसानों को सरेआम कुचलकर मौत के घाट उतारा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को घोषित ताली-थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन अब इसी सप्ताह किसी भी दिन अचानक किया जाएगा।
सोमवार को आंदोलन शहीद हुए किसानों के लिए किया गया। दोपहर 2:45 बजे किसान काली पट्टी बांधकर सड़कों पर उतरे। हरौला बारात घर से सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण के चारों ओर किसानों ने परिक्रमा लगाई और दो मिनट का मौन धारण करके शहीद हुए किसानों की आत्मा की शांति की मांग की। इसके बाद किसान वापस लौटकर धरनास्थल पर आ गए।
किसान नेता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि प्राधिकरण पर 34 दिन से किसान धरना दे रहे हैं, लेकिन एक भी समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजा, आबादी, नक्शा नीति से मुक्ति और अन्य मांगों को पूरा किया जाएगा उसके बाद ही धरना खत्म करेंगे।
आरडब्ल्यूए का मिल रहा समर्थन
किसानों के आंदोलन में शहर की आरडब्ल्यूए भी साथ आ गई है। रविवार को एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-144 समेत कई आरडब्ल्यूए ने किसानों को समर्थन दिया था। सोमवार को सेक्टर-117 और सेक्टर-46 में किसानों व आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों ने माना अधिकारियों का प्रस्ताव
प्राधिकरण के ओएसडी समेत कई अधिकारी सोमवार को हरौला बरात घर पहुंचे और वहां धरने पर बैैठे किसानों से बात की। अफसरों की ओर से कहा गया कि एसीईओ किसानों से वार्ता करना चाहते हैं, इसलिए मंगलवार को बैठक के लिए किसान प्राधिकरण में आमंत्रित हैं। किसानों ने अधिकारियों की वार्ता के प्रस्ताव को कबूल किया है।