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पटरी पर लौट रही अर्थव्यवस्था, जीएसटी कलेक्शन में बंपर बढ़ोतरी

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ग्रेटर नोएडा। कोविड की तीसरी लहर के कमजोर पड़ने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी का असर जीएसटी कलेक्शन में हुई बंपर बढ़ोतरी दर्शा रही है। वाणिज्य कर विभाग के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े ने अप्रैल व मई में भी नया रिकॉर्ड कायम किया। यह न केवल गौतमबुद्घ नगर बल्कि देश में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने की गवाही दे रही है। वाणिज्य कर विभाग गौतमबुद्व नगर द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल व मई 2021 के मुकाबले क्रमश: 49 व 72 फीसदी अधिक कलेक्शन हुआ है।
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बीते दो महीने यानी अप्रैल व मई 2022 का जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा आ गया है और इसमें सालाना आधार पर तेजी देखी गई है। जिले में वाणिज्य कर विभाग को पिछले दो महीनों में बढ़कर जीएसटी संग्रह प्राप्त हुआ, जो अप्रैल 2021 में प्राप्त जीएसटी संग्रह 62,799.26 लाख रुपये से बढ़कर अप्रैल 2022 में 93,908.83 लाख रुपये प्राप्त हुआ, जो पिछले साल अप्रैल में विभाग को प्राप्त क्लेक्शन से 49.54 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं मई 2021 में प्राप्त जीएसटी संग्रह 40438 लाख रुपये से बढ़कर मई 2022 में 69879.13 लाख रुपये प्राप्त हुआ जो पिछली साल मई में विभाग को प्राप्त क्लेक्शन से 72.78 प्रतिशत ज्यादा है। वाणिज्य कर विभाग के आंकड़ों में गौतमबुद्ध नगर दो खंडों में बंटा हुआ है। इसे गौतमबुद्धनगर ए और गौतमबुद्धनगर बी नाम दिया गया है। गौतमबुद्ध नगर ए वसूली के हिसाब से 8 भागों में बंटा है, वहीं गौतमबुद्ध नगर बी 10 भागों में बांट दिया गया है।
500 से अधिक फर्में रडार पर
वाणिज्य कर विभाग के अफसर जीएसटी में पंजीकृत फर्मों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन फर्मों को भी विशेष तौर पर देखा जा रहा है जो विभाग में पंजीकृत नहीं कराई गई हैं, लेकिन मोटी कमाई कर रही हैं। ऐसी छोटी बड़ी करीब 500 फर्में रडार पर बताई जा रही हैं, जो विभागीय अफसरों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही हैं।
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ऑनलाइन सिस्टम से मिल रही मदद
विभाग के अफसर ने बताया कि जीएसटी चोरों की कमर तोड़ने में ऑनलाइन सिस्टम ने काफी मदद की है, जो फर्म टैक्स चोरी करती हैं या समय से टैक्स अदा नहीं करती है। ऑनलाइन पोर्टल पर वह पहले ही दिखनी शुरू हो जाती हैं। रिमाइंडर के बावजूद टैक्स जमा न करने पर उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाता है और टीम उनसे कानूनी तौर पर कार्रवाई कर वसूली करती है।
जीएसटी क्लेक्शन में हुई बढ़ोतरी से सरकारी खजाने में वृद्धि होगी। इससे सरकार को आमजन के लिए नई योजनाएं लाने का मौका मिलेगा क्योंकि सरकार की योजनाएं टैक्स वसूली से होने वाली आय पर ही निर्भर रहती हैं। अगर सरकारी कोष में बढ़ोतरी होगी तो सरकार इसे आमजन के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं पर खर्च करेगी। वहीं कोष और आमदनी बढ़ने पर जीएसटी दरों में भी कटौती कर करदाताओं को लाभ पहुंचा सकती है।
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- प्रोफेसर आनंद राय, अर्थशास्त्री, जीएल बजाज
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