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आत्मदाह का प्रयास करने वाले गार्ड को जिलाधिकारी दिलाएंगे न्याय

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नोएडा। वेतन नहीं मिलने से परेशान सुरक्षा गार्ड राजभर के शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह के प्रयास के मामले का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, जिले में लंबित मामलों का त्वरित निराकरण कराएं।
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बलिया के सागर पाली, राजेंद्र नगर निवासी राजभर छिजारसी में रहकर सेक्टर-63 स्थित बल्ब की कंपनी में काम करते थे। पीड़ित का आरोप है कि तीन माह से कंपनी ने वेतन नहीं दिया। साथ ही, नौकरी से निकाल दिया। इसकी शिकायत उसने कई जगह की, लेकिन न्याय नहीं मिला। किसी ने उसे अदालत में जाकर गुहार लगाने की बात कही थी। इस कारण वह सुप्रीम कोर्ट के अफसरों से मिलने का प्रयास कर रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस के कर्मी उसे नोएडा के अफसरों से शिकायत करने की बात कह रहे थे। कई बार वापस भेजने से हताश होकर राजभर ने आत्मदाह का प्रयास किया।
शनिवार को जब यह खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई तो जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर श्रम विभाग के अधिकारी सुबह से शाम तक दौड़े, लेकिन परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में अमर उजाला ने श्रम विभाग का पीड़ित के परिवार से संपर्क कराया। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परिवार से बातचीत हुई है, लेकिन किस कंपनी में राजभर काम करता था, इसकी अभी जानकारी नहीं हो पाई है। यदि पीड़ित के साथ कोई अन्याय हुआ है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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बेटी की शादी के लिए परेशान थे राजभर
कई माह से राजभर ओवरटाइम कर रहा था। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी ज्योति की शादी के लिए राजभर पैसा जमा कर रहा था। छोटी बेटी अंजली ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि तीन माह का वेतन और ओवरटाइम के करीब 60 हजार रुपये कंपनी ने नहीं दिए हैं। पैसे मांगने के लिए कंपनी में जाते थे तो पिता को धक्के मारकर भगा दिया जाता था। इससे पिता परेशान थे। भाई टोनू आठ साल का है।
हजारों श्रमिक परेशान, नहीं होती सुनवाई
नोएडा में हजारों कंपनियां हैं। इनमें कामगार भी लाखों हैं। कोरोना काल में कंपनियों ने सैकड़ों श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। श्रमिक उपश्रमायुक्त कार्यालय में शिकायतें देते हैं, लेकिन न्याय नहीं मिलता।
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