धनौरी वेटलैंड सूखा, पक्षियों ने ली दूसरी जगह पनाह
-धनौरी वेटलैंड समेत कुल 33 हेक्टेयर जमीन का हिस्सा रहता है जलमग्न
-केवल बारिश है वेटलैंड का जलस्रोत, दूसरे ठिकानों पर पहुंचे सभी पक्षी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के धनौरी वेटलैंड का पानी सूख गया है। पानी की जगह अब जमीन पर बड़ी-बड़ी दरारें दिख रही हैं। पानी नहीं होने के कारण पक्षी भी दूसरी जगह पनाह लेने लगे हैं। इनमें राज्य पक्षी सारस भी शामिल हैं। वेटलैड पक्षियों के बिना सूना गया है। वहीं, पर्यावरणप्रेमियों का आरोप है कि करीब एक माह में वेटलैंड पूरी तरह सूख गया है, लेकिन वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। विभाग की लापरवाही से एक दिन धनौरी वेटलैंड का अस्तित्व मिट सकता है।
धनौरी वेटलैंड करीब 100 बीघा जमीन पर फैला हुआ है। जबकि आसपास के किसानों की जमीन समेत करीब 33 हेक्टेयर जमीन का हिस्सा जलमग्न रहता है। हर वर्ष सर्दी में यहां पर बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। बार-हेडेड गीज़, पिंटेल, ग्रे-लेग्ड गीज़, कूट, टील्स, गैडवॉल्स और उत्तरी शॉवेलर्स ने धनौरी में पड़ाव डाला हुआ है। जबकि धनौरी वेटलैंड को राज्य पक्षी सारस का गढ़ माना जाता है। यहां पर सारस के 150 से अधिक जोड़े हैं, लेकिन इस समय पक्षियों को पानी नहीं मिल रहा है। वेटलैंड पूरी तरह सूख चुका है। इसके कारण ज्यादातर पक्षियों ने वेटलैंड को छोड़ दिया और दूसरे ठिकानों पर पहुंच गए हैं। सूरजपुर और ओखला पक्षी विहार में पक्षी पहुंचे हैं। सूरजपुर वेटलैंड में चार सारस भी पहुंची हैं। पर्यावरणविद् का कहना है कि एक माह पहले से पानी सूखने लगा था। जो अब पूरी तरह सूख चुका है। पानी नहीं होने के कारण पक्षी पलायन कर रहे हैं। वन विभाग ने समय से वेटलैंड के जल पर ध्यान नहीं दिया। अगर ऐसा ही रहा तो फिर धनौरी वेटलैंड ही समाप्त हो सकता है।
वन विभाग ने की थी पक्षी विहार बनाने की तैयारी
वन विभाग ने धनौरी वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पक्षी विहार बनाने की तैयारी की थी। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया था, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। वहीं, पर्यावरणप्रेमी वेटलैंड को रामसर साइट घोषित कराने की मांग कर रहे हैं। वन विभाग की तरफ से इसका प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। उसके बावजूद वेटलैंड की अनदेखी की जा रही है।
नहीं है कोई जलस्रोत, आज आ सकता है पानी
वन विभाग के अफसरों ने बताया कि धनौरी वेटलैंड का कोई प्राकृतिक जलस्रोत नहीं है। केवल बारिश के पानी पर निर्भर है। इस कारण पानी सूख गया है। सिंचाई विभाग की मदद से धनौरी वेटलैंड में पानी छोड़ा जाएगा। वहीं सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता एनएन सिंह का कहना है कि नजदीकी रजवाहे से धनौरी वेटलैंड में पानी छोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। रविवार तक पानी छोड़ दिया जाएगा।