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छह साल में तीन गुना बढ़ा डेंगू का डंक

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जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
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नोएडा। कोरोना की दूसरी लहर के बाद डेंगू ने जिले में जबरदस्त कहर बरपाया है। साल 2015 में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इन छह साल में डेंगू का डंक तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है। इस बार डेंगू सबसे ताकतवर रूप में लौटा है। डेंगू फैलाने वाले मच्छरों पर प्रदूषण और गिरता तापमान भी बेअसर साबित हो रहा है। छह साल पहले डेंगू के सबसे अधिक यानी 176 मरीज मिले थे, लेकिन साल 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 617 पहुंच गया है। मसलन, इस साल जिले में मरीजों की संख्या 78 फीसदी तक बढ़ी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के यह आंकड़े केवल सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के हैं। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों को मिलाया जाए तो यह संख्या कई गुना और बढ़ जाएगी। इस बार डेंगू को भयावह इसलिए भी कहा जा रहा है, क्योंकि अस्पताल में भर्ती हर तीसरे मरीज को इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) की जरूरत पड़ी है। रक्त और प्लेटलेट्स की खपत में 60 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। कम तापमान में डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले मच्छर खत्म होने लगते हैं, लेकिन वर्तमान में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी मच्छर खत्म नहीं हो रहे हैं।
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तीन महीने में सबसे कम मामले
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में डेंगू के सिर्फ दो नए मरीजों की पुष्टि हुई है। सक्रिय मरीज घटकर 11 रह गए हैं। इससे पहले सबसे कम तीन मामले 9 नवंबर को आए थे। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि नवंबर में डेंगू के मामलों में कमी आनी शुरू हो जाती है। इस बार ऐसा देरी से हो रहा है। विभाग की तरफ से पूरा एहतियात बरता जा रहा है। पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें, घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कंटेनर, फूलदान, कूलर साफ करें।
डेंगू से डरे ग्रामीणों ने की शिविर लगाने की मांग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कोरोना व रबूपुरा में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बचाव के लिए फॉगिंग व स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है। कस्बे के राजपूतान मोहल्ले में रहने वाले प्रेम नारायण शर्मा ने बताया कि उनके 38 वर्षीय बेटे विवेक शर्मा की रविवार को डेंगू से मौत हो गई थी। वह कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। पहले कस्बा फिर सिकंदराबाद में इलाज कराया। सुधार नहीं होने पर ग्रेटर नोएडा लाया गया था। यहां एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके अलावा आजाद नगर मोहल्ला में रहने वाली एक किशोरी की भी मौत हो चुकी है। कई परिवारों में लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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