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झोलाछाप डॉक्टर की कारस्तानी: कैदियों की जमानत के लिए बनाता था फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट, हुआ गिरफ्तार

Sat, 20 Nov 2021 12:17 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा/दिल्ली

सार

इस मामले की जानकारी स्पेशल सेल को हाईकोर्ट में चल रहे एक केस के बाद आए अदालत के आदेश से हुई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर-75 निवासी डॉक्टर रामकृष्ण के खिलाफ केस दर्ज किया और उसकी गिरफ्तारी की और दिल्ली ले गई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है जो पैसों के लिए लंबे समय से अपना जमीर बेच रहा था। स्पेशल सेल ने नोएडा सेक्टर-75 से एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया है जो जेल में बंद कैदियों को जमानत दिलाने के लिए नकली मेडिकल सर्टिफिकेट बनाता था।

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इस मामले की जानकारी स्पेशल सेल को हाईकोर्ट में चल रहे एक केस के बाद आए अदालत के आदेश से हुई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर-75 निवासी डॉक्टर रामकृष्ण के खिलाफ केस दर्ज किया और उसकी गिरफ्तारी की और दिल्ली ले गई। आरोपी डॉक्टर फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक लेता था।

हाईकोर्ट के एक शक ने किया बड़ा खुलासा
मामला 2019 का है। उस साल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रईस खान नाम के एक शख्स को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। कुछ समय पहले ही आरोपी ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर की थी। वह अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला देकर जमानत चाहता था, जिसके लिए रईस ने नकली मेडिकल सर्टिफिकेट लगवाए थे। रईस खान ने अर्जी दी थी कि पत्नी का ऑपरेशन होना है तो उसे जमानत दी जाए। अदालत में जमा सर्टिफिकेट देखने के बाद जज को कुछ शक हुआ तो उन्होंने स्पेशल सेल से मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ ही उसे जारी करने वाले डॉक्टर की जांच करने को कहा।
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पुलिस जांच में सामने आईं ये बातें
जांच में स्पेशल सेल को पता चला कि डॉक्टर रामकृष्ण तो झोलाछाप डॉक्टर है और कैदियों को जमानत दिलाने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना उसका धंधा है। स्पेशल सेल अपनी जांच रिपोर्ट उच्च न्यायालय में दाखिल कर चुका है।

जांच रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर इससे पहले भी कई कैदियों की जमानत के लिए ऐसे ही फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार कर चुका है।

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