रबूपुरा (संवाद)। तिरथली गांव में आठ दिन से बुखार से पीड़ित बच्चे (10) की मौत हो गई। बेटे की मौत से परिवार में मातम छा गया है। गांव तिरथली निवासी शमशाद ने बताया कि बेटा कलुआ करीब 8 दिन सेे तेज बुखार से पीड़ित था। बुखार होने पर उसे नजदीकी चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां से उसे बुलंदशहर के चिकित्सक के पास रेफर कर दिया गया। बुलंदशहर के अस्पताल में चिकित्सकों ने कलुआ की गंभीर हालत देखकर ग्रेटर नोएडा रेफर कर दिया। परिजन ने उसे ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को उसकी हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। ग्रेनो अस्पताल से दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही बच्चे ने रास्ते में दम तोड़ दिया। गांव की लोगों में बच्चे की मौत हो जाने पर गमगीन माहौल है। वहीं, गांव व आसपास के गांव में अन्य लोग भी पीड़ित हैं।
कोट
तिरथली गांव में बच्चे की बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। वहां टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती है लेकिन फिलहाल वह जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों के लिए सभी दवाइयां स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है और जेवर में सीएचसी पर सभी सुविधा उपलब्ध है। - डॉ. पवन कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी
तेजी से पांव पसार रहा डेंगू
नोएडा। जिले में डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। एक माह में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 55 हो गई है। इनमें से 80 फीसदी मामले बीते 15 दिनों में सामने आए हैं। डेंगू के बढ़ते मामले जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। 26 सितंबर के बाद से डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा दर्ज किया जा रहा है। शनिवार को जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की दैनिक रिपोर्ट जारी नहीं की, लेकिन सूत्रों के अनुसार छह नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
सितंबर की शुरुआत में डेंगू के जिले में डेंगू के दो मरीजों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इसके बाद 16 सितंबर को डेंगू के पुष्ट मरीजों की संख्या बढ़कर 11 हो गई और 22 सितंबर तक यह मामले बढ़कर 21 हो गए। 26 सितंबर को सबसे ज्यादा 11 मरीजों की पुष्टि जिला स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इसके बाद से डेंगू के मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ना शुरू हो गया।
आसपास के जिलों में तेजी से फैल रहे डेंगू को ध्यान में रख शासन ने इस बीमारी से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए नोडल अधिकारी को सर्वे के लिए भेजा था। हालांकि, तमाम दिशानिर्देश शासन की ओर से जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी डेंगू का डंक थमा नहीं है। एक महीने के अंतराल में डेंगू के मरीजों की संख्या अर्द्धशतक लगा चुकी है। शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में डेंगू के पुष्ट मामले 49 थे। सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले 96 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की एलाइजा जांच कराई गई थी, जिनमें से 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। हालांकि, जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शनिवार को दैनिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई।
निपटने की तैयारियों की खुली पोल
जिले में डेंगू, मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। लगातार बढ़ रहे मामले मच्छरों से निपटने के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियों में बरती जा रही विभागीय लापरवाही की पोल खोल रहे हैं।
ऐसे बढ़े डेंगू के मामले
16 सितंबर 11
22 सितंबर 21
26 सितंबर 37
29 सितंबर 44
01 अक्तूबर 49
2 अक्तूबर 55