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जफराबाद में तालाब किनारे मरी मिल रहीं मछलियां

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fish - फोटो : fish
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तावडू। उपमंडल के अंतर्गत गांव जफराबाद में पंचायती तालाब में पल रही मछलियाें का बड़ी संख्या में तालाब किनारे मृत अवस्था में मिलने का मामला सामने आया है। पीड़ित मछली पालक ने साजिश के तहत जहर देकर मछलियों को मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, तालाब के पानी का सैंपल भी ले लिया गया है जिसे लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जाएगा।
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पीड़ित सेकुल पुत्र इसराइल निवासी जफराबाद ने बताया कि मछली पालन का कारोबार करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में उन्होंने ग्राम पंचायत के तालाब को फीस जमा कर पट्टे पर लिया था। उन्होंने मछली पालन के कारोबार में लगभग 5 से 6 लाख रुपये का निवेश किया था। बताया कि तीन दिन पहले तालाब के किनारे उन्हें मृत अवस्था में कुछ मछलियां मिली तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया। लेकिन उसके बाद मृत अवस्था में मिली मछलियों की संख्या बढ़ती गई तो उन्हें शक हुआ।
वहीं, रविवार की सुबह तालाब के किनारे बड़ी संख्या में मरी मछलियां मिलीं तो उन्होंने 112 नंबर पर डायल कर पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी।
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उन्होंने पुलिस को बताया कि साजिश के तहत तालाब के पानी में जहर छोड़कर मछलियों को मारा है। पुलिस ने तालाब के पानी का सैंपल ले लिया है। मछलीपालक सेकुल के मुताबिक अब तक लगभग तीन क्विंटल मछलियां मरने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही हो सकती है
ग्रामीण इनाम, अमजद, इरसाद, शाहरुख अली और सोएब मलिक आदि ने बताया कि पंचायती तालाब में गांव की नालियों का पानी बहकर आता है। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायत विभाग को बगैर सूचित किए गांव की नालियों में मच्छर मारने की कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया था। उन्हें शक है कि नालियों में कीटनाशक दवा छिड़कने के बाद जो पानी तालाब में बहकर आया ह,ै उसी के कारण मछलियां मर रही हैं। जिसका पता लगाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया है।
मोहम्मदपुर पुलिस चौकी इंचार्ज राकेश का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच में की जा रही है। तालाब से लिए गए पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, सहायक मत्स्य अधिकारी फारुख का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से भी मछलियां मर सकती हैं। कीटनाशक युक्त पानी जाने से मछलियों के मरने से इनकार नहीं किया जा सकता। जल्दी ही मौके का निरीक्षण करेंगे।
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