रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मैच में पार्श्वी को पहले ओवर में सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन अगले दो ओवर में एक-एक विकेट लेकर पार्श्वी ने इंग्लैंड को कम स्कोर पर रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्श्वी के आखिरी ओवर में एक विकेट रनआउट भी हुआ।
पार्श्वी को कुल छह मैच खेलने का मौका मिला। केवल एक मैच में आराम दिया गया था। छह मैच में पार्श्वी ने कुल 11 विकेट चटकाए, जबकि रन भी कम खर्च किए। हालांकि पार्श्वी को बल्लेबाजी में जौहर दिखाने का मौका नहीं मिला।
खुशी में तोड़ दी घर में रखी मेज
पार्श्वी ग्रेटर नोएडा की प्लुमेरिया गार्डन एस्टेट सोसायटी में रहती हैं। इंग्लैंड के साथ फाइनल मैच को लेकर परिजनों ने सुबह से ही तैयारी कर ली थी। पड़ोसियों के साथ आगरा, मेरठ से रिश्तेदार फाइनल देखने ग्रेटर नोएडा आए थे। अमेरिका में रहने वाले रिश्तेदार भी पार्श्वी को सपोर्ट करने ग्रेटर नोएडा आ गए थे। पिता गौरव चोपड़ा ने बताया कि घर पर करीब 50 लोगों ने एक साथ बैठकर मैच देखा। खुशी में गलती से लोगों से घर में रखी मेज भी टूट गई।
विश्वकप में पार्श्वी के प्रदर्शन पर एक नजर
मैच बनाम गेंदबाजी
पहला- दक्षिण अफ्रीका 4-0-15-1
दूसरा- यूएई 4-0-13-1
तीसरा- बंग्लादेश नहीं खेली
चौथा- ऑस्ट्रेलिया 2-0-11-0 (सुपर-6 मैच)
पांचवां- श्रीलंका 4-1-5-4 (सुपर-6 मैच)
छठा- न्यूजीलैंड 4-1-20-3 (सेमीफाइनल)
सातवां- इंग्लैंड 4-0-13-2 (फाइनल)