श्मशान घाट पर जलतीं चिताएं
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तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर यह आंकड़े झूठे हैं और दावा किताबी है। जनकवि अदम गोंडवी की यह पंक्तियां कोरोना महामारी में वाराणसी के गांवों पर सौ फीसदी लागू होती हैं। गांवों के श्मशान में चिता पर चटकती लकड़ियां इस बात की गवाह है कि हर गांव से हर रोज लाशें उठ रही हैं। उसकी वजह कोरोना महामारी है। घर-घर लोग बीमार हैं, लेकिन न तो लोग जांच करा रहे हैं और ना ही सतर्क हैं। गांवों में कोरोना का माखौल उड़ाया जा रहा है, लेकिन मौत हर रोज झपट्टा मार रही है...
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गाजीपुर में गंगा घाटों पर मिले 24 से अधिक सड़े-गले शव, कहां से आया- किसी को पता नहीं
गाजीपुर जिले में सोमवार को गंगा घाटों के दो किमी के दायरे में 24 से अधिक शव तीन-चार दिनों से उतराए पड़े मिले. सड़न एवं दुर्गंध के बाद तटवर्ती इलाके के लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने सूचना पुलिस को दी। शाम करीब छह बजे एसडीएम रमेश मौर्या एवं एसपी ग्रामीण गंगा घाट पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट रहे...
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मेरठ में सूरजकुंड श्मशान घाट पर जलती चिताएं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद गांवों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रत्याशियों के साथ ग्रामीण भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। सोमवार को आई रिपोर्ट में 157 संक्रमित मिले हैं। जिनमें सकौती के प्रधान व उसके पुत्र समेत 25 ग्रामीण पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि दौराला में 10, सरधना में 33, खरखौदा में 12, मवाना में 67, परीक्षितगढ़ में नौ और माछरा में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है
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पंचायत चुनाव का दुष्प्रभाव : गोरखपुर जिले के इन गांवों में घुसा कोरोना वायरस, बढ़ी चुनौती
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना वायरस ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। सबसे ज्यादा संक्रमण गोरखपुर जिले के गोला, बांसगांव, सहजनवां, चौरीचौरा, पाली, खोराबार और कैंपियरगंज विकास खंड से संबंधित गांवों में है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ी है। प्रशासनिक अफसर भी चिंतित हैं...
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