ग्रेटर नोएडा। जारचा थाना प्रभारी के खिलाफ साजिश रचने वाले दरोगा मैनपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी ने एक महिला की वीडियो कॉल के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल कर गंभीर आरोप लगाए थे। आलाधिकारियों ने जांच एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह को दी गई। महिला के बयान और जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। मामले में हनी ट्रैप जैसे आरोपों की चर्चा चलती रही। पुलिस के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा निवासी महिला एक युवक के साथ सहमति संबंध में रह रही थी। बाद में महिला ने युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। करीब पांच माह पहले महिला ने शिकायत दी थी। जांच के दौरान महिला की पहचान दरोगा मैनपाल से भी हो गई। मैनपाल ने थाना प्रभारी से महिला की शिकायत पर आरोपी युवक को जेल भेजने को कहा।
इस पर थाना प्रभारी ने जांच पूरी होने के बाद और दोषी पाए जाने पर ही युवक को जेल भेजने की बात कही। इस पर आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता महिला से थानेदार को वीडियो कॉल कराई। इसके बाद वीडियो कॉल का स्क्रीन शॉट लेकर आरोपी ने सोमवार को थानेदार पर महिला से संबंध आदि बनाने का दबाव डालने आदि की झूठी बातें लिखकर कई व्हाट्स एप ग्रुप पर शेयर कर दिया। एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे ने बताया कि मामले की जांच एसीपी ग्रेटर नोएडा प्रथम से कराई गई। जांच में महिला ने थानेदार के संबंध में लिखे आरोपों को नकार दिया। वहीं, दरोगा मैनपाल ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर सरकारी कार्य में बाधा डाली है। इस कारण मैनपाल सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।