कोविड के नए स्वरूप ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) की आहट ने जिलेवासियों और स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि जिले में अब तक नए स्वरूप से जुड़े मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसकी जांच और इलाज के इंतजाम आदि के संबंध में तैयारी तेज हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग जिले में कोविड जांच बढ़ाने और नए स्वरूप को जानने के लिए नमूने को भेजने की योजनाएं बना रहा है। कोविड के लक्षणों पर अस्पतालों को तुरंत जांच के लिए निर्देशित किया गया है। विभाग खासतौर पर जिले में बाहर से आने वालों पर नजर रखने की तैयारी में है।
जिले में दिल्ली और अन्य पड़ोसी जिलों व राज्यों से आने वालों पर नजर रखने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। खासकर विदेश से आने वाले लोगों के क्वारंटीन और सैंपलों की जांच पर जोर दिया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में दैनिक कोरोना जांच की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे के अनुसार, नए स्वरूप की रोकथाम के लिए विभाग सतर्क है।
शनिवार को इस संबंध में शासन की ओर से एक ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें प्रदेश के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को नए वेरिएंट की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों से अवगत कराया गया है। विदेश से लौटे व्यक्ति को निर्धारित क्वारंटीन पूरा करना आवश्यक होगा। जिसमें कोरोना के लक्षण मिलते है, उसकी जांच कराई जाएगी।
24 केंद्रों पर 6213 को लगे टीके
कोरोना के नए स्वरूप की आहट के बीच जिले में टीकाकरण का दौर भी जारी है। शनिवार को जिले के 24 सरकारी केंद्रों पर कोविड टीकाकरण हुआ। जहां 6213 लोगों को कोविड रोधी टीका लगाया गया। इसमें 68 को पहली डोज और 6145 को दूसरी डोज दी गई।