ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना से प्रभावित पल्ला और बोड़ाकी गांवों में नए कानून की धारा-16 और 17 के तहत बृहस्पतिवार को होने वाली पुनर्वास तथा पुनर्व्यवस्थापन योजना की जनसुनवाई के लिए सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर दो घंटे इंतजार के बाद किसानों ने बहिष्कार कर दिया। किसानों ने अब आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि उपजिलाधिकारी दादरी ने गत दिनों सार्वजनिक सूचना के माध्यम से 26 अगस्त को पल्ला गांव के प्राथमिक विद्यालय में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक जनसुनवाई के लिए बोड़ाकी और पल्ला गांव के किसानों को समय दिया गया था। दोनों गांवों के किसान जनसुनवाई के लिए पहुंच गए। किसानों ने दो घंटे तक इंतजार किया, लेकिन कोई कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। केवल लेखपाल और कानूनगो पुलिस बल के साथ पहुंचे।
सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर किसानों ने बहिष्कार कर दिया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया, जिसमें जिन किसानों की जमीन को बैनामे के माध्यम से लिया गया है, उनको भी पुनर्वास समेत दूसरे लाभ देने, नए अधिग्रहण कानून का सुविधाएं देने समेत मांगें की गई है। साथ ही अपनी मांगों को लेकर किसानों ने इन मुद्दों को लेकर व्यापक आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है। वहीं शुक्रवार को चिटहेरा गांव में किटहेरा और कठहेरा गांव के किसानों की जनसुनवाई होनी है।