पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर स्थित गांव फिरोजपुर में नगर परिषद द्वारा स्थापित कूड़ा निस्तारण केंद्र को गांव से हटवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धरना दिया। साथ ही केंद्र में कूड़ा डालने पहुंची गाड़ियों को कूड़ा नहीं डालने दिया। ग्रामीणों ने नगर परिषद व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा बाद में उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त को ज्ञापन देकर मांग की गई कि गांव फिरोजपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र को बंद किया जाए।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि इन कूड़ा निस्तारण केंद्रों से उड़ती गंदगी व पॉलीथिन सड़कों पर पड़ी रहती है। जो पांवों में लगकर घरों के अंदर चली जाती है। उन्होंने उपायुक्त से कहा कि गंदगी के कारण घरों के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है। बीमारी फैलने लगी है। गांव में अब इन कूड़ा निस्तारण केंद्रों को बिल्कुल बरदाश्त नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं बृहस्पतिवार को केंद्रों में कूड़ा डालने गई गाड़ियों को ग्रामीणों ने लौटा दिया था वहां कूड़ा नहीं डालने दिया। इस अवसर पर सुरेंद्र राणा एडवोकेट, राजेश ठाकुर, रविंद्र, अमीर, भगत सिंह, रवि, रमेश, वीरेंद्र, राजू, हेमपाल, गैंदा मुख्य रूप से मौजूद थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन केंद्रों को बंद नहीं कराया तो वे स्वयं बंद कर देंगे।
इस बारे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव का कहना है कि लोगों द्वारा विरोध करने की बात उनके पास आई है। वे मौके पर जाकर देखेंगे तथा लोगों से बात करेंगे। कूड़ा निस्तारण केंद्र लोगों की परेशानी के लिए नहीं है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जाएगा।
फोटो 26पीएएलपी-3 में है।
कैप्शन: पलवल के गांव फिरोजपुर में धरने पर बैठे ग्रामीण