गुर्जर शोध संस्थान में विभिन्न राज्यों और संगठनों के गुर्जर समाज के मुखिया (सरदार) उपस्थित हुए। इस दौरान कई प्रस्ताव रखे गए। अधिकांश वक्ताओं ने गुर्जर स्वाभिमान का हवाला देकर सरकार को चेताया और मांगे नहीं मानने पर यूपी में चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी। साथ ही, किसान आंदोलन का हवाला देते हुए गुर्जर समाज के लोगों से किसी के बहकावे में न आकर एकजुट रहने का आह्वान किया। इसके अलावा सरकार से सम्राट मिहिर भोज के नाम से विश्वविद्यालय, अन्य शिक्षण संस्थान, क्रीड़ास्थल बनाने व नोएडा एयरपोर्ट का नाम गुर्जर सम्राट मिहिर भोज रखने का प्रस्ताव भी रखा। अधिवक्ता प्रमेंद्र भाटी ने दर्ज किए गए केस की निशुल्क पैरवी की बात कही।
गुर्जर शब्द पर काला पेंट लगाने वालों पर केस समेत ये प्रस्ताव भी हुए पास
22 तारीख को जिसने गुर्जर शब्द पर काला पेंट किया था उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षण संस्थान खोलने के लिए कमेटी गठित की जाए। एक बड़ी रैली का आयोजन करके समाज अपना नया शिलापट्ट वहां पर लगाए। प्रतिमा का दोबारा अनावरण हो। समिति के पांच प्रवक्ता तय हों और प्रेस को केवल वही बयान दें। भाजपा के जो लोग भटके हुए हैं और उन्हें समझाने के लिए एक समिति गठित की जाए। एक समिति सर्व समाज सौहार्द समिति के नाम से बने जिसमें सभी जातियों के लोगों को शामिल किया जाए। हर गांव में सम्राट मिहिर भोज के नाम से क्रीड़ा स्थल, पाठशाला और पुस्तकालय बने। इतिहास पर रिसर्च करने के लिए एक कमेटी बनाई जाए और गुर्जर इतिहास पुस्तकें प्रकाशित कराई जाएं। गुर्जर प्रतिहार इतिहास पर एक छोटी पत्रिका छपवाकर प्रत्येक गांव तक पहुंचाई जाए। समिति का कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ अपशब्द नहीं बोलेगा, हिंसा नहीं करेगा और सरकारी संपत्ति को क्षति नहीं पहुंचाएगा। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर प्रचार के लिए एक टीम बने। मुकदमे और दूसरे कानूनी मामलों की पैरवी के लिए वकीलों की एक कमेटी बने। युवाओं की एक टीम हरिद्वार से पैदल चलकर गंगाजल लाए और प्रतिमा को धोकर पवित्र किया जाए। जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता गुर्जर समाज के लोग भाजपा के किसी भी कार्यक्रम, बैठक या सभा में शामिल न हों।
‘कथित नेता राजनीतिक रोटियां सेंककर दो समाज के बीच जहर घोल रहे’
बैठक के बाद राजपूत उत्थान सभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर धीरज सिंह ने कहा कि यह सभा कांग्रेस, सपा और बसपा के नेताओं की ओर से आयोजित की गई थी। इसमें गुर्जर समाज के आम लोगों को बरगलाने का काम किया गया है। कथित नेता चुनावी दौर में राजनीतिक रोटियां सेंकने और दोनों समाज के लोगों के संबंधों में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। इतिहासकारों के पास सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार के राजपूत कुल में जन्म होने के साक्ष्य मौजूद हैं। राजपूत समाज शांति सौहार्द में विश्वास रखता है, लेकिन गलत के खिलाफ आवाज उठाना भी जानता है। नेताओं से अपील करता हूं कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए क्षेत्र में अशांति फैलाने का काम न करें, अन्यथा राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर क्षेत्र में शांति का माहौल बनाने का काम करेंगे।