कहा- भविष्य निधि के 1.57 लाख करोड़ रुपये डूबे तो जवाबदेही किसकी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बृहस्पतिवार प्रेसवार्ता में कहा कि देश के 28 करोड़ कर्मचारियों की भविष्य निधि का पैसा अदाणी की कंपनियों में लगाकर केंद्र की मोदी सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। भविष्य निधि के 1.57 लाख करोड़ रुपये डूब गए तो जवाबदेही किसकी होगी। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने अदाणी की रेटिंग कम कर दी है। इसके बावजूद देश के करोड़ों कर्मचारियों का पैसा अदाणी की कंपनियों में लगाया जा रहा है। वहीं, आप प्रवक्ता रीना गुप्ता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अदाणी ग्रुप को क्लीन चिट नहीं मिलती अदाणी पोर्ट और अदाणी इंटरप्राइजेज को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) से हटाया जाए।
संजय सिंह ने कहा कि 2015 में मोदी ने फैसला लिया कि सरकारी विभागों और निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी, जिनका भविष्य निधि का पैसा कटता है, उनके पैसों से 50 कंपनियों के शेयर खरीदे जाएंगे। लोगों को यह जानकार हैरानी होगी कि इन 50 कंपनियों में दो कंपनियां अदाणी की हैं। इनके नाम अदाणी पोर्ट और अदाणी इंटरप्राइजेज हैं। जो कर्मचारी अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए पैसा जमा करते हैं, उन पैसों से शेयर खरीदे गए। अदाणी का घोटाला एक महाघोटाला है। वहीं, रीना गुप्ता ने कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लिखा था कि अदाणी ग्रुप के शेयर का असली रेट पता नहीं चल रहा है। पूरी दुनिया के कई इंडेक्स में ग्रुप के शेयर थे। अमेरिका का सबसे बड़ा इंडेक्स मार्गंस स्टेनली के इंडेक्स ने यह निर्णय लिया कि अदाणी ग्रुप के असली शेयर का रेट पता नहीं चल रहा है तो हम इंडेक्स में कम महत्व देंगे, लेकिन हमारे देश के एनएसई ने कोई निर्णय नहीं लिया।