नोएडा। रजनीगंधा चौराहे के पास वर्ल्ड ट्रेड टावर में चल रहे एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड में छापे के दौरान सीबीआई टीम ने लैपटॉप और हार्ड डिस्क जब्त की थी। लैपटॉप और हार्ड डिस्क की जांच से पता लगाया जाएगा कि अभी तक संस्थान की ओर से कितने छात्र-छात्राओं को परीक्षा दिलाई गई थी। सीबीआई की कार्रवाई के बाद आफिस को बंद कर दिया गया है। शनिवार को आसपास के आफिस में काम करने वाले कर्मचारी कुछ बताने को तैयार नहीं थे। एक सुरक्षागार्ड ने बताया कि वर्ल्ड ट्रेड टावर के 11वें फ्लोर पर स्थित एफिनिटी के आफिस में काफी लोग आते थे। दफ्तर में खूब चहल-पहल रहती थी। सीबीआई की कार्रवाई के बाद एफिनिटी के दफ्तर में किसी के जाने पर रोक लगा दी गई है। वर्ल्ड ट्रेड टावर में एक सुरक्षा कर्मी ने बताया कि कार्रवाई करने पहुंची टीम एजुकेशन सेंटर से कुछ लैपटॉप और हार्ड डिस्क आदि लेकर गई है। माना जा रहा है कि इन लैपटॉप और हार्ड डिस्क में छात्र-छात्राओं से जुड़ी अहम सूचनाएं हो सकती हैं।
सेंटर संचालक ने ग्रेनो से की थी इंजीनियरिंग
सेंटर के संचालक विशु उर्फ विशंभर मणि त्रिपाठी ने ग्रेनो के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग की थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी कुछ छात्रों से दोस्ती हो गई थी। अब वह इंजीनियरिंग समेत कई अन्य कोर्स में दाखिला कराता था। सूत्रों ने बताया कि विशु काफी तेज तर्रार था। उसके दोस्त सिद्धार्थ कृष्णा और गोविंद भी साथ काम कर रहे थे। एक शिक्षण संस्थान के अधिकारी ने बताया कि विशु ने कॉलेज के दिनों में ही दाखिला कराना शुरू कर दिया था। वह अक्सर दोस्तों को पार्टियां देता था।
आईटी पार्कों के संस्थानों का होगा सत्यापन
नोएडा। नौकरी और प्रॉपर्टी के नाम पर आए दिन होने वाली धोखाधड़ी की वारदात को रोकने के लिए पुलिस योजना बना रही है। अब हर थानाक्षेत्र में किराये पर चलने वाले भवनों की सूची बनाई जाएगी। ऐसी इमारतों के मालिक या संचालक को किराये पर कार्यालय लेने वाले सभी संस्थानों या कंपनियों की सूचना पुलिस को देनी होगी। पुलिस संबंधित व्यक्ति या कंपनी का सत्यापन कराएगी। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि नोएडा में आईटी पार्क के नाम से कई बिल्डिंग बनी हुई हैं। इनमें से कई में दफ्तार खोलकर फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी और नौकरी व प्रॉपर्टी के नाम पर धोखाधड़ी करने की बात सामने आ चुकी है। इसे देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को खास निर्देश दिए गए हैं। निर्देश के अनुसार थाना प्रभारी चौकी इंचार्ज को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भवनों में संचालित किए जा रहे संस्थानों के सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपेंगे। भवन मालिकों या संचालकों को किराये पर दफ्तर लेने वालों की सूचना देनी होगी। जिसके बाद उनका सत्यापन कराया जाएगा।
इस प्रक्रिया से सभी कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसी के अलावा कॉल सेंटर का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेक्टर-58, 59, 60, 61, 62, सेक्टर-दो, तीन और चार आदि समेत एक्सप्रेसवे के किनारे काफी इस तरह के सेंटर बने हुए हैं।