तुगलपुर में जनता का अभिवादन करते अमित शाह।
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तुगलपुर गांव में दादरी प्रत्याशी तेजपाल नागर के लिए डोर-टू-डोर प्रचार करने के बाद बृहस्पतिवार शाम को नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस अपनी पार्टियों को लोकतांत्रिक तरीके से चला नहीं सकते, वह उत्तर प्रदेश को क्या चलाएंगे। सभी विपक्षी पार्टियां भाजपा से काम का हिसाब मांग रही हैं। हमारा घोषणापत्र उठाकर देख लीजिए, 95 फीसदी कार्य करने के बाद हम वोट मांगने उतरे हैं। यह चुनाव कोई विधायक, मंत्री या सिर्फ मुुख्यमंत्री तय करने का नहीं है, बल्कि अगले 20 साल में प्रदेश किस दिशा में जाएगा और क्या भविष्य होगा यह तय करेगा।
शाह ने लगभग 45 मिनट के भाषण में विपक्षी पार्टियों व पूर्व सरकारों के कार्यों की तुलना योगी सरकार के पांच वर्षों से करते हुए भाजपा के शासन को सुशासन बताया। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग की बात करने वाली विपक्षी पार्टियों ने 20 वर्षों में इस वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। मोदी सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संविधान में मान्यता दिलाई। यहां तक की पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। पहले मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे लोग गरीबों की जमीन कब्जाते थे, लेकिन योगी सरकार ने इन पर कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था का राज कायम किया है। उन्होंने भाजपा केंद्र व प्रदेश सरकार के कार्यों को गिनाते हुए लोगों से वोट देने की अपील की।
योगी सरकार में नहीं गुल हो रही बिजली
गृहमंत्री ने कहा कि इसी विश्वविद्यालय के मालिक बताते हैं कि उन्होंने बिजली के लिए कई करोड़ की कीमत का जनरेटर मंगाया था, लेकिन जब से प्रदेश में योगी सरकार आई तो बिजली जाना ही बंद हो गई। पहले दिन में आठ घंटे तक कटौती होती थी। अब एक सप्ताह में भी नहीं होती।
दंगे में पीड़ितों को ही बना दिया आरोपी
शाह ने मुजफ्फरनगर दंगे के संबंध में पूर्व सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उस दौरान तो पीड़ित को ही आरोपी बना दिया गया। आरोपियों को पीड़ित बनाकर मुआवजा तक दे डाला गया।
सर्जिकल स्ट्राइक से साधा निशाना
उन्होंने सभा में बैठे लोगों से पूछा कि अनुच्छेद 370 के लिए कोई बड़ा आंदोलन चलाया या मांग की तो लोगों ने कहा, नहीं की। उन्होंने कहा कि हमारे घोषणापत्र में था इसलिए बिना किसी मांग के हमने इसे पूरा किया। पहले सीमा पर सैनिकों पर हमले होते थे तो पूर्व की सरकार कांग्रेस कुछ नहीं करती थी। मोदी सरकार के समय सर्जिकल व एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया को संदेश दिया गया।
कालेधन पर छापे पड़े तो परेशान हुए नेता
उन्होंने एक बड़े विपक्षी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोट पकड़े जाने लगे तो विपक्षी पार्टी के नेताजी परेशान हो गए और प्रेस कांफ्रेंस ही कर बैठे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कम से कम ऐसे मामलों में तो कालेधन वालों से दूरी बनाकर चलें।